बीती पांच मई को कांशीराम कालोनी में हुए हादसे के दिन गुणवत्ताहीन दूध बांटने के मामले में खाद्य विभाग दूध की खरीद वाले मॉल और दूध निर्माता कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने में जुट गया है।
गौरतलब है बीती पांच मई को कांशीराम कालोनी में हैजा फैल गया था। इसमें एक महिला सहित दो बच्चों की मौत हो गई। चूंकि अधिकांश बच्चे बीमार थे ऐसे में प्रशासन ने विद्यालय में अक्षयपात्र संस्था की ओर से बांटे गए मिड डे मील के दूध का नमूना भी जांच के लिए भेजा। हालांकि जांच में हादसे की वजह दूषित पानी होना सामने आया था।
खाद्य विभाग की ओर से भेजे गए दूध के नमूने की जांच रिपोर्ट में ये बात सामने आयी कि उसमें मानक के अनुरूप फैट नहीं था। ऐसे में खाद्य विभाग के जिला अभिहीत अधिकारी कार्यालय ने दूध का वितरण करने वाली संस्था अक्षय पात्र को नामित करते हुए मुकदमा एडीएम कोर्ट में दायर कर दिया।
दिलचस्प बात है कि जिला अभिहीत अधिकारी अखिलेश गुप्ता ने मामले में दूध खरीद वाले स्थल वालमार्ट और निर्माता कंपनी अमूल के किसी भी अधिकारी को नामित ही नहीं किया है। ऐसे में विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
दूध का नमूना फेल आने के बाद एफएसओ की रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दायर कर दिया था। एडीएम कोर्ट केस मेें मौजूद साक्ष्यों के आधार पर और भी लोगों को पार्टी बना सकता है।
- अखिलेश कुमार गुप्ता
जिला अभिहीत अधिकारी, खाद्य विभाग