मथुरा। नकली नोट छापने और चलाने वाले गिरोह का खुलासा करने के बाद सरगना ब्रजेश तथा उसके साथियों पर जीआरपी का शिकंजा कसता जा रहा है। गिरोह बांग्लादेश के बार्डर मालदा से संचालित होता है। मालदा को नकली नोटों की मंडी भी कहा जाता है। वहां पर कई गांव ऐसे हैं जिनमें नकली नोटों का अवैध धंधा बहुतायत में होता है। जीआरपी के अधिकारी अब मालदा में गिरोह की घेराबंदी के लिए सुरक्षा एजेंसियों से संपर्क में हैं।
हत्थे चढ़े गिरोह के चार सदस्यों को जीआरपी अभी तक जेल भेज चुकी है। इनमें कलीमुल्ला सवाईमाधोपुर राजस्थान, मोहम्मद तकीम उर्फ तकी कोटा राजस्थान, धर्मेंद्र कटिहार पटना बिहार, रौनक निवासी वाराणसी शामिल हैं। भले ही जीआरपी ने नोटों की छपाई करने वाले रौनक को वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया हो परंतु पूछताछ में पता लगा कि गिरोह का सरगना मालदा का रहने वाले ब्रजेश मौर्या है। गिरोह के अन्य सदस्यों में सनाउल, मुस्तफा, जियाउल निवासी कलई चक मालदा, सलीम निवासी सूजापुर मालदा शामिल हैं। ब्रजेश नकली नोटों के मामले में पहले भी जेल जा चुका है। जीआरपी एटीएस, एनआईए, आईबी, इंटेलीजेंस, एलआईयू सहित एजेंसियाें के संपर्क में है। उसे मालदा में गिरोह पर शिकंजा कसने के लिए बीएएएफ सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों की आवश्यकता होगी। एसपी जीआरपी मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि वह उच्च सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में हैं।
कलीमुल्ला के मकान पर लटका मिला ताला
सवाईमाधोपुर निवासी गिरोह के सदस्य कुलीमुल्ला के घर पर गई टीम को ताला लटका मिला। जीआरपी की एसआईटी टीम सोमवार रात को मथुरा से रवाना हुई थी। उसे कलीमुल्ला के घर पर दबिश देकर छानबीन करनी थी। इसके बाद टीम ने अन्य स्थानों पर भी जाकर उसके नजदीकियों के बारे में जानकारीकी। जीआरपी प्रभारी निरीक्षक विकास सक्सेना ने बताया कि जीआरपी टीम मोहम्मद तकीम के घर कोटा जाएगी।