बांकेबिहारी की नगरी को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए प्रशासन ने बाहरी वाहनों का वृंदावन में प्रवेश बंद करने की योजना बनाई है। पिछले दिनों वृंदावन आए कई वीआईपी ने यहां के अव्यवस्थित ट्रैफिक प्लान को लेकर चिंता जाहिर की थी।
वृंदावन में आने वाले श्रद्धालु, पर्यटकों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। इसके कारण शनिवार और रविवार को तो वृंदावन के अधिकतर रास्तों पर जाम लगा रहता है। बाकी दिनों में भी यहां आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की मुसीबत कम नहीं होती हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए बाहरी ट्रैफिक को नगर से बाहर ही रोकने की योजना बनाई गई है। इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से वृंदावन आने वाले वाहनों को दारुख पार्किग और दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे-2 से आने वाले वाहनों को वृंदावन छटीकरा मार्ग स्थित मल्टीस्टोरी पार्किंग पर रोकने की योजना है। प्लानिंग यह भी है कि इन दोनों ही पार्किंग स्थलों से वृंदावन में ई-रिक्शा आदि छोटे वाहनों का संचालन किया जाए।
कबाड़ हो गए ट्रैफिक सिगभनल
करीब 40 लाख रुपये की लागत से करीब छह साल पहले मथुरा शहर में लगाए गए ट्रैफिक सिगभनल कबाड़ हो गए हैं। इनके संचालन का जिम्मा संभाले आगरा की निजी एजेंसी पर अफसर महरवान हैं। इनका संचालन किए बगैर ही एजेंसी ने इनके रखरखाव पर अब तक करोड़ों रुपये की कमाई कर ली है।
वृंदावन में यातायात की समस्या गंभीर बनी हुई है। इससे निपटने के लिए विकास प्राधिकरण ने पार्किंग बनाई हैं। इसमें छटीकरा रोड पर दिल्ली के पैटर्न पर मल्टीस्टोरी पार्किंग तैयार की गई है। इसका संचालन शुरू होते ही वृंदावन में बाहरी वाहनों की नो एंट्री कर दी जाएगी।
- रामअरज यादव, सिटी मजिस्ट्रेट, मथुरा