मथुरा। मन्नत रेजीडेंस ग्रुप द्वारा बसाई जा रही कॉलोनी पर कोर्ट के स्थगन आदेश के बाद भी निर्माण किए जाने की शिकायत पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले में सुनवाई करते हुए अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन नवनीत कुमार ने थाना हाईवे पुलिस और एमवीडीए से एक सप्ताह में आख्या उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। मामले की सुनवाई अब 4 अगस्त को होगी।
शहर के मौजा गोविंदपुर स्थित खसरा संख्या 74 और 75 पर मन्नत रेजीडेंस ग्रुप द्वारा कॉलोनी काटी जा रही है। इस भूमि में नगर निगम भी सह खातेदार है। इसी को लेकर पार्षद नीनू वर्मा, ब्रजेश खरे समेत चार पार्षदों ने सिविल न्यायालय में इसके खिलाफ वाद दायर किया गया था। उन्होंने कहा था कि बिना वैध बंटवारे के कॉलोनी काटी जा रही है। इस पर सुनवाई करते हुए अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन न्यायालय ने 16 अप्रैल 2025 को स्थगन (स्टे) आदेश पारित किया था।
वादी पक्ष ने 21 जुलाई को सुनवाई के दौरान प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर यह शिकायत दर्ज कराई थी कि स्टे के बावजूद कॉलोनी पर निर्माण कर उसका स्वरूप बदला जा रहा है। साथ ही प्रभारी निरीक्षक थाना हाईवे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के सचिव को स्टे का पालन कराने के लिए आदेशित किए जाने की मांग की थी।
मामले में सुनवाई करते हुए अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन ने प्रभारी निरीक्षक थाना हाईवे से मौके पर निर्माण कार्य कराए जाने के संबंध में आख्या मांगी है। साथ ही मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण से मांगी गई आख्या में यह स्पष्ट करने को कहा है कि, क्या न्यायालय के आदेश के अवहेलना करते हुए प्राधिकरण की एनओसी के आधार पर निर्माण कार्य जारी है। दोनों को एक सप्ताह में आख्या उपलब्ध कराने के लिए आदेशित किया गया है।