जनपद बांदा की दो नगर पंचायतों में ईओ रहते हुए 12 लाख के घपले में फंसे ईओ गोवर्धन ने इधर डीएम के पैर छुए उधर फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अब मथुरा भर में हल्ला मचा है। अब पैर छूने के पीछे वजह जो भी रही हो लेकिन इसे बांदा में हुए बारह लाख के घपले की रकम की वसूली से जोड़ा जा रहा है। निदेशक स्थानीय निकाय ने वसूली की जिम्मेदारी डीएम को सौंपी है।
मुड़िया पूर्णिमा मेला की तैयारियों के मद्देनजर तीन दिन पहले डीएम निखिलचंद्र शुक्ला गोवर्धन गए थे। यहां पहुंचते ही गोवर्धन नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी टीएन चौबे ने उनकी अगवानी सार्वजनिक स्थान पर पैर छू कर की। इतना ही नहीं, जब डीएम निरीक्षण करके मथुरा लौटने लगे तो उनके गाड़ी में बैठते ही एक बार फिर अधिशासी अधिकारी टीएन चौबे ने उनके पैर छुए।
हल्ला उनके पैर छूने पर कम इसके पीछे की बताई जा रही वजह पर ज्यादा मचा है। कयास लगाया जा रहा है कि पैर छूने के पीछे सबसे बड़ी वजह है मथुरा के जिलाधिकारी पर ईओ गोवर्धन टीएन चौबे से उस बारह लाख रुपये की वसूली की जिम्मेदारी होना, जो बांदा में हुए घपले के हैं।
टीएन चौबे बांदा जनपद की नगर पंचायत नरैनी और बिसण्डा में 12 लाख रुपये के अतिरिक्त वेतन भत्ते पाने की अनियमितता के दोषी साबित हो चुके हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थानीय निकाय निदेशक राजेश कुमार ने उक्त राशि की वसूली करने के लिए मथुरा डीएम निखिलचंद्र शुक्ला से कहा है।
चर्चा में है कि अब गोवर्धन के साथ राधाकुंड और सौंख सहित वृंदावन नगर पालिका का अतिरिक्त प्रभार देख रहे ईओ टीएन चौबे को डर हैै कि मथुरा डीएम की गाज उन पर न गिर जाए। उपरोक्त राशि की वसूली की कार्रवाई के साथ डीएम कहीं उनसे अतिरिक्त नगर पंचायत और नगर पालिकाओं को न छीन लें।