उत्तर प्रदेश के मथुरा में करीब 10 साल से फरह स्थित हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र की शोभा बढ़ा रही हथिनी सूजी हमेशा के लिए खामोश हो गई है। 74 साल की उम्र में सूजी ने रविवार को जिंदगी की आखिरी सांस ली।
प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी रजनीकांत मित्तल ने बताया कि करीब 10 साल पहले हथिनी को आंध्र प्रदेश के सर्कस से मुक्त कराया गया था। इसके बाद से हथिनी संरक्षण केंद्र में प्रवास कर रही थी। यहीं उसे सूजी नाम दिया गया था। हथिनी को लेकर कुछ समय पहले डॉक्यूमेंट्री भी बनाई गई थी।