ठाकुर राधावल्लभ मंदिर के निज मंदिर में रविवार की शाम नौका विहार दर्शनों के समय पानी में करंट फैल गया। करंट की चपेट में आने से तीन सेवायत गंभीर रूप से झुलस गए। एक को मथुरा रेफर किया गया है। हादसे के बाद मंदिर में अफरा-तफरी मच गई। मंदिर की बिजल सप्लाई को बंद करने पर स्थिति काबू में आई। मंदिर प्रबंधन ने मामले की जांच कराने के साथ ही पीड़ित सेवायतों को हर संभव सहायता देने की बात कही है।
अधिक मास की एकादशी के अवसर पर रविवार की शाम ठाकुर राधा वल्लभ मंदिर में नौका विहार दर्शन का आयोजन किया गया था। इसके लिए मंदिर को रंग-बिरंगी बिजली की रोशनी से सजाया गया था। मंदिर श्रद्धालुओं से भरा पड़ा था। सेवायत चंदन गोस्वामी, चंचल गोस्वामी, मनोज गोस्वामी, संजीव गोस्वामी, पीयूष गोस्वामी, आदित्य ने ठाकुर राधा वल्लभ के निज मंदिर में फूलों से सुसज्जित नौका बनाकर ठाकुरजी को विराजित कराया।
इसके बाद निज मंदिर में पानी भर दिया। शाम को करीब 7 बजे मंदिर में ठाकुरजी की संध्या आरती के लिए चंदन गोस्वामी हाथों में आरती लेकर तैयार हुए। पीयूष गोस्वामी ने पट खोले वैसे ही पर्दे के साथ लोहे की सरिया बिजली के तारों को लेकर पानी में जा गिरी। चंदन गोस्वामी लोहे की सरिया सिर पर गिरने से घायल हो गए। इधर बिजली के तारों के पानी में गिरते ही पीयूष, आदित्य करंट की चपेट में आ गए।
यह देख मंदिर में अफरा तफरी मच गई। श्रद्धालु मंदिर से बाहर निकलने लगे। सेवायतों के चिल्लाने पर मंदिर के अन्य सेवायतों ने निज मंदिर के पास लगे मेन स्विच से बिजली को बंद किया। इससे मंदिर में अंधकार छा गया। सेवायत और मंदिर के कर्मचारी पीयूष, आदित्य को उपचार के लिए रामकृष्ण मिशन अस्पताल ले गए, जहां पीयूष की हालत गंभीर होने पर उसे मथुरा रेफर कर दिया गया। वहीं चंदन को चिकित्सकों ने छुट्टी दे दी। मामले में मंदिर के प्रबंधक अशोक गौतम ने कहा कि तार टूटने और अव्यवस्थाओं की जांच कराएंगे। पीड़ित सेवायतों को हर संभव मदद देने को तैयार हैं।