वनवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और आध्यात्म का पोषण करने की भावना से वनबंधु परिषद की कई शाखाएं देशभर में संचालित हैं। ब्रज में 240 एकल विद्यालयों के माध्यम से संस्था अपने प्रकल्पों को अमलीजामा पहना रही है। 17 दिसंबर को परिषद की महिला समिति गिरिराज दर्शन के लिए आएगी। उनके साथ मथुरा जिला के स्कूलों के आचार्य, सेवाव्रती कार्यकर्ता और छात्र भी गिरिराजजी के दर्शन करेंगे।
परिषद की राष्ट्रीय महिला समिति की अध्यक्ष पुष्पा मूंदड़ा ने मगलवार को बताया कि वनवासी क्षेत्रों में आज भी हालात बदतर हैं। यहां विकास के साथ ही शिक्षा और संस्कृति को बढ़ावा देने की अपार संभावनाऐं मौजूद हैं। इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए समिति के कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण करते हैं और उन्हीं क्षेत्रों में शिक्षित लोगों का चयन कर उन्हें पांच दिवसीय प्रशिक्षण देते हैं।
प्रत्येक गांव में 30 बच्चों पर एक शिक्षक की नियुक्ति की जाती है। मथुरा जिले में इस प्रकार के 240 एकल विद्यालय संचालित हैं। उन्होंने बताया कि संस्था का उद्देश्य शिक्षा, संस्कार, स्वास्थ्य और राष्ट्र प्रेम के प्रति जागरूकता की भावना का प्रयास भावी पीढ़ी में करती है। इसके साथ ही संस्था द्वारा हरि सत्संग समिति भी बनाई गई है, शाम को वनवासी इलाकों में जाकर आध्यात्म और पुरातन भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार करती है।
समिति की 22 शाखाएं देशभर में कार्यरत हैं। यहां श्रीराम और श्रीकृष्ण की कथाओं को कहने वाले कथाकार तैयार किए जा रहे हैं। वृंदावन के केशवधाम में भी इसी तरह का एक प्रकल्प संचालित किया जा रहा है। इस अवसर पर एकल विद्यालय जिला समन्वयक कैप्टन हरिहर शर्मा, श्रीकृष्ण सरस आदि उपस्थित थे।