बुजुर्ग प्रह्लाद सिंह ने बताया कि यह अनूठी परंपरा मात्र समूचे ब्रज में जाबरा में ही निभाई जाती है और मृत परिवारों को सांत्वना दी जाती है। रनवीर सिंह ने बताया जब तक समाज का कार्यक्रम नहीं होता है, तब तक परिवार में शोक नहीं निकलता और त्योहार भी कोई नहीं मनाता है। मान सिंह ने बताया इस वर्ष गांव में करीब 19 लोगों की मौत हुई है। सब के यहां नगाड़ा बजाया गया। इस दौरान बिनाम सिंह, हरपाल सिंह, सौरभ चौधरी, धर्मेंद्र सिंह, केके चौधरी, रुपेश सिंह, गंभीर, चारुल अग्रवाल, रूपेंद्र सिंह, ओमपाल चौधरी आदि मौजूद रहे।
">http://