सीआईएससीई के 12वीं की परीक्षा में भक्ति वेदांत गुरुकुल अंतर्राष्ट्रीय विद्यालय वृंदावन के अर्जुन यदुवंशी (94.5) और देवामृत बागले (94.5) ने संयुक्त रूप से जिला में टॉप किया है। दोनों छात्रों के सपने तो बड़े हैं लेकिन मंजिल अलग- अलग है। अर्जुन का सपना मेकेनिकल इंजीनियरिंग है तो देवामृत बागले मनोविज्ञान के क्षेत्र में नाम कमाना चाहते हैं। अर्जुन यदुवंशी ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि वह आईआईटी से मेकेनिकल इंजीनियर बनना चाहते हैं। अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों के साथ माता पिता को देते हैं। उनका कहना है कि जीवन में परिवार की भूमिका अहम रही है। पढ़ाई में अव्वल रहना उनकी आदत बन गई है, यदि लक्ष्य धारण कर कोई कार्य किया जाए तो उसमें सफलता निश्चित है।
देवामृत बागले का कहना है कि उसकी सफलता में मां-बाप का बहुत बड़ा हाथ है। स्कूल में गुरुजी ने जो पढ़ाया घर लौटकर उसे गहनता से दोहराना ही उनका मूल मंत्र है। वह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय मनोविज्ञान की पढ़ाई करने की तैयारी कर रहे हैं। इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने का फैसला किया है।