मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान (श्रीकृष्ण जन्मभूमि) प्रबंधन के अनुसार फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा तीन मार्च की शाम खग्रास चंद्रग्रहण होने के कारण सुबह 5 बजे मंगला आरती के साथ सभी मंदिरों के पट खुलेंगे। इसके बाद सुबह छह बजे पट बंद होंगे।
चंद्र ग्रहण मोक्ष के उपरांत मंगलवार की शाम 8 बजे सभी मंदिरों के पट उत्थापन आरती के साथ दोबारा एक साथ खुलेंगे। इसके बाद रात्रि 9 बजे नियत समय सभी मंदिरों के पट बंद होंगे।
वृंदावन में भी मंदिरों के पट रहेंगे बंद
होली के दिन तीन मार्च पूर्णिमा तिथि को चंद्रग्रहण होने पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के पट सूतक काल के दौरान बंद रहेंगे। इस कारण एक दिन पहले होली मनाई जाएगी। वहीं नगर के प्राचीन सप्त देवालयों में शामिल ठाकुर राधादामोदर मंदिर और ठाकुर राधारमण मंदिर समेत अन्य मंदिरों में सुबह से शाम 7 बजे तक पट बंद रहेंगे। इससे मंदिर में आराध्य की पूजा सेवा के समय में बड़ा बदलाव किया गया है।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी ने बताया कि पूर्णिमा के दिन होली मनाई जाती है। शाम को होलिका दहन होता है, लेकिन इस बार दोपहर 3.20 से शाम के 6.45 तक चंद्रग्रहण के कारण पूर्णिमा के दिन से 2 मार्च की रात को होलिका दहन होगा। होली के दूसरे दिन मंदिर की परंपरा के अनुसार डोलोत्सव मनाया जाता है। चंद्रग्रहण से पहले सूतक काल में मंदिर के पट सुबह से शाम सात बजे तक बंद रहेंगे। ठाकुर बांकेबिहारी की सेवा, पूजा और आरती 3 मार्च को सुबह 9.05 बजे से पहले और शाम को लगभग 7 बजे के बाद होगी। वहीं ठाकुर राधा दामोदर मंदिर सुबह 9 से शाम के 7 बजे तक मंदिर के पट बंद रहेंगे।
श्रीराधादामोदर मंदिर के सेवायत कृष्ण बलराम गोस्वामी ने बताया कि सुबह 9 बजे से पहले 4 बजे मंगला आरती के बाद धूप एवं शृंगार आरती की जाएगी। शाम को सात बजे मंदिर के पट खुलने पर गौर पूर्णिमा के अवसर पर ठाकुरजी का अभिषेक, धूप, संध्या और शयन आरती होगी। ठाकुर राधारमण मंदिर के सेवायत पदमलोचन गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर राधारमण मंदिर में भी 3 मार्च को धुलेंडी मनाई जाएगी। चंद्रग्रहण के कारण मंदिर में सुबह की सेवा सुबह 6 बजे तक की जाएगी। इसके बाद मंदिर के पट सुबह 6 से शाम 7 बजे तक 13 घंटे बंद रहेगा। ठाकुरजी की नियमित सेवा, पूजा एवं आरती सूतक काल से पहले और चंद्रग्रहण के बाद मंदिर के धुलाई और शुद्धिकरण के बाद होगी।
ज्योतिषाचार्य रामविलास चतुर्वेदी ने बताया कि तीन मार्च को पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण सुबह 3.20 से शाम 6.47 तक चंद्रग्रहण रहेगा। इससे पहले सूतक सुबह 6.20 बजे से लग जाएंगे। सूतक काल में ब्रज के अधिकांश मंदिर बंद रहेंगे। क्यों कि सूतक काल में आराध्य की पूजा सेवा का विधान नहीं है।