नोटबंदी के बाद ठाकुरजी पर चढ़ने वाले दान की राशि में इजाफा हुआ है। वृंदावन के प्रसिद्ध ठाकुर बांकेबिहारी जी मंदिर में 20 प्रतिशत अधिक दान राशि आई है। मथुरा और वृंदावन के प्रसिद्ध मंदिरों में कैशलेस दान की पहल की गई है। इसके लिए बैंकों में आवेदन किए जा रहे हैं।
नोटबंदी के बाद भक्तों की आस्था अपने आराध्य में और बढ़ गई है। मंदिरों में चढ़ाई जा रही दान राशि में वृद्धि भी इसे इंगित कर रही है। वृंदावन के प्रसिद्ध ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में जुलाई और अगस्त में किए गए दान की गुल्लकों में 1.81 करोड़ की धनराशि निकली थी। नवंबर में प्रतिदिन गुल्लकों के खुलने के बाद ये राशि बढ़कर 2.30 करोड़ तक हो गई है। इस्कॉन, अक्षयपात्र, द्वारिकाधीश मंदिर, श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भी दान में इजाफा बताया जा रहा है।
नोटबंदी के बाद बदली परिस्थितियों में मंदिरों में कैशलेस दान के इंतजाम भी किए जा रहे हैं। इस क्रम में इस्कॉन मंदिर, अक्षयपात्र में स्वाइप मशीनों से दान लिया जा रहा है। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर प्रबंधन ने भी स्वाइप मशीन के लिए आवेदन कर दिया है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर अभी ये प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।
मंद पड़े है उद्योग, ठप्प है कारोबार
मथुरा (ब्यूरो)। नोटबंदी के निर्णय को 50 दिन बीत गए हैं। लेकिन अभी तक उद्योग पटरी पर नहीं आ सके हैं। इधर कारोबारों का भी बुरा हाल है। आलम ये है कि साड़ी के 20 से 30 कारखाने, टोंटी के 50, निवाड़ के 20 कारखानों पर ताला लटका है। वहीं चांदी उद्योग से 5,000 मजदूरों की छंटनी हो गई है।
-280 बैंक शाखाएं, 22 प्राइवेट बैंक भी है शामिल
-जिले की इन बैंकों में लगभग 4 लाख खाता धारक है।
-जनधन के 60 हजार खाते है इनमें से 25 हजार खातों की नहीं हुई केवाईसी
-गोवर्धन, शेरगढ़ में बैंक की कतार में लगे दो लोगों की हो चुकी है मौत
-अब तक जिले की बैंकों में 3750 करोड़ की धनराशि हो चुकी है जमा
-खाताधारकों को अब तक 2510 करोड़ की धनराशि का हो चुका है वितरण
-बैंकों में अभी तक सरकार की घोषणा के अनुरूप भी नहीं दी जा रही धनराशि
-इसके चलते जिले के अधिकांश उद्योग और बड़े कारोबार अभी भी बंद पड़े है।
-100 से अधिक एटीएम या तो खराब है या फिर खाली पड़े हुए है