ट्रांसफार्मर के जले फ्यूज को सही करते समय संविदाकर्मी की करंट से मौत हो गई। वह पांच मिनट तक चिंगारियों के बीच जलता रहा। यह हादसा शटडाउन अवधि में लाइन चालू होने से हुआ। इससे गुस्साए लोगों ने लक्ष्मी नगर तिराहे पर मथुरा-बलदेव मार्ग पर जाम लगा दिया। कई बार अधिकारियों से भी भिड़े। बाद में मुआवजे की घोषणा के बाद जाम खोला।
थाना यमुनापार के नगला पोला निवासी चंदन उर्फ दिनेश (27) पुत्र सुगनी राम बघेल लक्ष्मीनगर बिजली घर पर संविदाकर्मी थे। वह मेंटिनेंस संविदा ठेकेदार के यहां कार्यरत थे। मंगलवार को उन्हें गांव लोहवन में ट्रांसफार्मर के फेस जल जाने की कंप्लेंड अटेंड करते हुए आने के लिए कहा गया। सुबह 10:30 बजे चंदन ने लोहवन गांव से एसएसओ को फोन कर शटडाउन देने को कहा। एसएसओ ने लाइन बंद कर दी। चंदन ट्रांसफार्मर पर चढ़कर फेस सही कर रहे थे तभी लाइन चालू कर दी गई।
इससे तेज स्पार्किंग के बीच चंदन का शरीर पांच मिनट तक जलता रहा। थोड़ी देर में उसने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने बिजली बंद कराई। मौके पर पहुंचे चंदन के परिवारीजनों ने पुलिस को शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दिया।
एक घंटे तक शव तार और ट्रांसफार्मर के बीच फंसा रहा। पुलिस जबरन शव को पोस्टमार्टम के लिए ले गई। इससे गुस्साए परिवारीजन और गांव के सैकड़ों लोगों ने लक्ष्मीनगर तिराहे के पास जाम लगा दिया। दो घंटे तक लगे जाम से वाहनों की कतारें लग गई। सूचना पर एसपी देहात अरुण कुमार सिंह, एसडीएम गरिमा सिंह, एसपी ट्रैफिक आशुतोष द्विवेदी, सीओ सदर आलोक दुबे, सीओ महावन सुरेंद्र यादव, महावन, राया, यमुनापार थाने की पुलिस ने समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया।
बाद में एसडीएम महावन ने पांच लाख प्रधानमंत्री राहत कोष, पांच लाख दुर्घटना राहत और दो लाख बिजली विभाग की ओर से मुआवजा दिलाने की घोषणा की। इसके बाद परिवारीजनों ने जाम खोल दिया। इस दौरान बलदेव के विधायक पूरन प्रकाश, रालोद नेता निरंजन सिंह धनगर, सपा के जिला सचिव अनूप शर्मा आदि भी मौजूद रहे।
जेई, ठेकेदार सहित चार पर रिपोर्ट
मथुरा। लोहवन में लाइन पर काम करते समय बिजली चालू कर देने से चंदन की मौत हो जाने के मामले में चंदन के भाई पप्पू ने लक्ष्मीनगर बिजली घर के जेई अशोक शर्मा, ठेकेदार नरेंद्र मिश्रा, लाइन मैन बच्चू सिंह और एसएसओ ब्रजेश कुमार सारस्वत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जीप के आगे लेटीं महिलाएं, पुलिस ने खींच कर हटाईं
चंदन के शव को यमुनापार पुलिस ने जबरन उतारकर जीप में डाला तो परिवारीजन आक्रोशित हो गए। पुलिस की परिवारीजनों से तीखी नोकझोंक हुई। महिलाएं पुलिस जीप के आगे लेट गईं तो पुलिस ने खींच कर उन्हें हटाया। इस पर युवकों और महिलाओं ने पोस्टमार्टम हाउस तक जीप का पीछा किया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम हाउस पर रखवा कर ताला लगा दिया। यहां एसओ सदर और एसओ रिफाइनरी की सुरक्षा ड्यूटी लगाई गई।
मजदूरों के हक पर डाका डाल रहे इंजीनियर, ठेकेदार
बेरोजगारों के हक पर इंजीनियर और ठेकेदारों का गठजोड़ भारी पड़ रहा है। दोनों मिलकर गरीबों से दिन-रात काम लेकर उनको आधी पगार दे रहे हैं। शिकायत सही करने पर शिकायतकर्ताओं से रुपये लेकर काम कराने को कहा जाता है। बिजली विभाग में लाइनमैनों की कमी के चलते प्रदेश सरकार की ओर से मेंटिनेंस संविदाकर्मियों को रखा जाता है। विभागीय सूत्रों के अनुसार इसमें सरकार की ओर से संविदाकर्मियों को 10,600 रुपये मानदेय हर माह दिया जाता है।
इसमें ठेकेदार की फर्म को यह काम अनुबंध पर दिया जाता है। इसके अलावा ठेकेदार फर्म को पांच प्रतिशत अलग से दिया जाता है। चंदन के साथी मित्र और कोसीकलां, शेरगढ़ में तैनात एक संविदा मेंटिनेंस कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि संविदा मेंटिनेंस कर्मचारियों को चार से पांच हजार रुपये देते हैं और अनुबंध 10,600 रुपये का कराते हैं। इसमें शिकायतकर्ताओं का काम करने पर उनसे पैसे लेकर काम करने को बढ़ावा दिया जाता है। पैसे मिलने पर ही ट्रांसफार्मर का एस्टिमेट पास कराया जाता है।