वृंदावन। जैंत माइनर पर सिंचाई विभाग द्वारा पुल बनाने के दौरान पिछले तीन दिन से की गई खुदाई से विद्युत हाईटेंशन लाइन का खंभा हवा में झूल गया। लाइन में बस्ट हो गया। इससे दो बिजलीघरों के हजारों उपभोक्ताओं की दो घंटे बिजली गुल रही। बिजली विभाग में इसे लेकर खलबली मच गई। वहीं सिंचाई विभाग ने पुल निर्माण के कार्य शुरु कराने से पहले विभाग को पत्र भेजने और ऑनलाइन कार्य की जानकारी देने के बावजूद अनदेखी करने का आरोप लगाया है। इसे लेकर बिजली और सिंचाई विभाग आमने-सामने आ गए हैं।
सिंचाई विभाग की आझई के समीप से शुरू होकर छह किलोमीटर लंबी जैत माइनर रामताल रोड से होकर जैंत नाले में मिल रही है। सिंचाई विभाग द्वारा जैंत माइनर पर प्रस्तावित पुल का निर्माण कार्य तीन दिन पहले शुरू किया है। इसमें पुल निर्माण के लिए सिंचाई विभाग ने खुदाई की है। इस दौरान बिजली विभाग द्वारा लगाए गए 33केवीए क्षमता की हाईटेंशन लाइन की एक पोल के नीचे मिट्टी हट जाने वह हवा में झूल गया। वहीं चंद्रोदय मंदिर के पीछे लाइन बस्ट हो गई। इससे रुक्मिणी विहार एवं चैतन्य विहार की बिजली घर की दो घंटे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इससे हजारों उपभोक्ता प्रभावित हुए। इसे लेकर बिजली विभाग के एसडीओ संजीव वाष्र्णेय ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से संपर्क साधा।
बिजली विभाग के वृंदावन एक्सईएन अनिल कुमार कपिल ने बताया कि सिंचाई विभाग ने खुदाई कर बिजली विभाग की हाईटेंशन लाइन के आठ खंभो के नीचे से खाली कर दिया है। जिससे वह गिरासू हैं। कभी भी गिर सकते हैं। इनमें से एक पोल हवा में झूल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सिंचाई विभाग में उनके पेालों को सुरक्षित नहीं किया तो उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए उन्हें एक दिन का समय दिया है।
वहीं सिंचाई विभाग के जेई पवन माधव उपाध्याय ने बताया कि बिजली विभाग ने बिना सिंचाई विभाग की अनुमति के लिए पोल लगा दिए। जमीन में बिजली की केबलों का जाल बिछा दिया है। जिसकी विभाग को सूचना नहीं दी गई है। इससे विभाग को बिछाई गई भूमिगत केबलों की जानकारी नहीं है। जबकि सिंचाई विभाग द्वारा माइनर पर कलवर्ट पुल का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए तीन दिनों से खुदाई का कार्य चल रहा है। कार्य शुरु होने से पहले पांच फरवरी को बिजली विभाग को पत्र भेजकर सूचना दी गई। ऑन लाइन भी संपर्क किया गया है। इसके बावजूद बिजली विभाग सिंचाई विभाग के सूचना की अनदेखी कर रहा है। सिंचाई विभाग द्वारा उन्हें नोटिस देने के साथ ही विधिक कार्रवाई कर जुर्माना वसूला जाएगा।