गोवर्धन/राधाकुंड (मथुरा)। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) न्यायालय के आदेशों की वन विभाग खुलेआम अवहेलना कर रहा है। गिरिराज पर्वत क्षेत्र में सघन वृक्षों के बीच अलग-अलग दो स्थानों पर कूड़ा इकट्ठा कराकर आग जला दी। आग इतनी तेज थी कि लपटों से कई पेड़ों को बमुश्किल झुलसने से बचाया गया। परिक्रमा मार्ग में धुएं के गुबार छा गए। इससे परिक्रमार्थी को परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रभागीय वन अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद वन क्षेत्राधिकारी गोवर्धन ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। गोवर्धन क्षेत्र को एनजीटी के आदेश पर ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में शामिल किया गया था। इस आदेश के बाद जेनरेटर, कूड़े के ढेरों में आग, पेड़ों का कटान आदि पूरी तरह से प्रतिबंधित है। बावजूद इसके शुक्रवार की रात अंधेरे में गिरिराज पर्वत किनारे कूड़ा इकट्ठा कर अलग-अलग दो जगह आग लगाई गई।
गिरिराज परिक्रमा में संत निवास से बागड़ी प्याऊ तक धुएं के गुबार छा गए। इसकी सूचना वन प्रभागीय प्रभाकांत पांडेय को दी गई, उनके हस्तक्षेप के उपरांत वन क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों के सहयोग से आग पर काबू पाया। छोटे-छोटे पेड़ आग की लपटों से झुलस गए।
जिम्मेदारी से बचते नजर आए वन क्षेत्राधिकारी
गिरिराज पर्वत क्षेत्र में कटीली झाड़ियों को हटाकर वन विभाग मजदूरों से सफाई कराकर हरी घास और पेड़ लगाकर देखरेख करा रहा है। मजदूर कूड़े को डंपिंग ग्राउंड में डालने की बजाय पर्वत किनारे इकट्ठा कर चोरी छिपे आग के हवाले कर देते हैं। इस पर वन क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार से बात की गई तो वह जिम्मेदारी से बचते नजर आए। मनोज कुमार ने बताया कि कूड़े के ढेरों में किसी अज्ञात व्यक्ति ने आग लगाई है। इसकी जांचकर कार्रवाई करेंगे।