रविंद्र पटेल को काले झंडे दिखाने पर कार्यकर्ताओं में हुई मारपीट
गोवर्धन रोड स्थित एक मैरिज होम में रविवार को हुई रालोद की चाय पर चर्चा रैली में दो गुटों में जमकर मारपीट हुई। इस दौर मंच के पीछे से टिनशेड पर ईंट-पत्थर फेंकें गए, इससे वहां मौजूद लोग भागने लगे। भगदड़ में वहां पड़ी कुर्सियां तितर-बितर हो गईं। सूचना पर पहुंची कई थानों की पुलिस ने मामला शांत कराया।
कार्यक्रम में मंच के सामने बैठे कार्यकर्ता ब्रज के लोकगीत का आनंद ले रहे थे तभी मुख्य अतिथि युवा रालोद के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र पटेल मंच पर पहुंचे। यह देख विरोधी गुट के कार्यकर्ताओं ने रविंद्र पटेल को काले झंडे दिखाए और दीपक चौधरी जिंदाबाद के नारे लगाए। इस पर दोनों गुटों के कार्यकर्ता भिड़ गए और जमकर मारपीट हुई। इसी दौरान कुछ लोगों ने मंच के पीछे से टिनशेड पर पत्थर फेंके, इससे वहां बैठे लोग भागने लगे। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। चौकी प्रभारी ने कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी। प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र पटेल में बताया कि कुछ कार्यकर्ता अपने मार्ग से भटक गए हैं। सभा में हुई मारपीट और अभद्र व्यवहार की जानकारी से पार्टी हाईकमान को अवगत कराएंगे। बता दें कि दीपक चौधरी पूर्व में पार्टी के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं और अब गोवर्धन विधानसभा क्षेत्र से टिकट के दावेदार हैं। कार्यक्रम संयोजक कुंवर नरेंद्र सिंह ने दीपक चौधरी को चेतावनी दी है कि यदि अपने व्यवहार से बाज नहीं आए तो उन्होंने भी चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं। उन्होंने कहा कि हम जवाब देना भी जानते हैं।
पार्टी के पक्ष में वोट देने की अपील
मामला शांत होने के बाद चाय पर चर्चा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रविंद्र पटेल का कुंवर नरेंद्र सिंह ने स्वाफा बांधकर स्वागत किया। प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र पटेल ने कहा कि न तो वे कोई टिकट बांटने आए हैं और न ही किसी प्रत्याशी के नाम की घोषणा करने आए हैं। यहां केवल राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी का दूत बनकर गोवर्धन क्षेत्र की जनता को संदेश देने आए हैं। स्वयं ही अपने क्षेत्र से टिकट के दावेदार हैं। रालोद के वरिष्ठ नेता कुंवर नरेंद्र सिंह ने आगामी विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोकदल के पक्ष में वोट देने की अपील की। इस मौके पर प्रदेश महासचिव सचिन सिंह, महिला सभा की जिलाध्यक्ष संजू चौधरी, सोनू प्रताप सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष विमलेश चौधरी, लक्ष्मी चतुर्वेदी, सुमन चौधरी, हेमराज गुर्जर, मानव चौधरी, ज्ञानेंद्र सिंह, महावीर सिंह आदि उपस्थित थे। संचालन उदयवीर सिंह ने किया।