मथुरा। श्री कैला देवी रियल स्टेट मथुरा के निदेशक कांताप्रसाद अग्रवाल ने कंपनी के फर्जी खाते खोलकर करोड़ों की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। मामला सामने आने पर कंपनी प्रतिनिधि ने कांताप्रसाद अग्रवाल के साथ ही लेनदेन करने वाली चार कंपनियों के छह निदेशकों के विरुद्ध भी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
कंपनी प्रतिनिधि दिगम्बर सिंह की तहरीर पर दर्ज रिपोर्ट के अनुसार कांताप्रसाद अग्रवाल श्री कैला देवी रियल स्टेट मथुरा के निदेशक हैं। उन्हें कंपनी द्वारा किसी भी प्रकार के लेनदेनने लिए अधिकृत नहीं किया था। इसके बाद भी उन्होंने गैरकानूनी ढंग से कंपनी के नाम फर्जी खातु खुलवा लिए। सितंबर 2024 में उन्हें जब जानकारी हुई तो मामले की गहराई से जानकारी की।
इसमें पता चला कि कांता प्रसाद ने कंपनी के नाम खोले गए फर्जी खातों में कादंबरी इंद्रा डेवलपर्स रेजीडेंसी नॉर्थ विजय नगर आगरा के निदेशक आशीष अग्रवाल, कादंबरी इंद्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, 102 असीनाबाद रेजीडेंस आगरा के निदेशक निदेश अग्रवाल, जीएलके होम्स लिमिटेड शॉप नंबर 2 द्वितीय तल, कावेरी सेंटर आगरा के निदेशक सतीश कुमार गोयल और शिवम गोयल व शांति ऑटो पार्ट्स प्राइवेट लिमिटेट, 87 नवादा, अड़ूकी मथुरा के निदेशक मनमोहन अग्रवाल और संजीव अग्रवाल से बड़ी धनराशि ऋण के रूप में ली है।
इसके साथ ही कांताप्रसाद ने कंपनी की संपत्तियों (जमीनों) को भी बेच दिया। फर्जी खातों में ली गई धनराशि से आरोपी ने मोटा ब्याज भी कमाया, लेकिन टीडीएस कंपनी को जमा करना पड़ा। दिंगबर सिंह का आरोप है कि कांताप्रसाद और धनराशि देने वाली कपंनियों के प्रतिनिधियों ने मिलीभगत कर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। मामले में पुलिस ने कांताप्रसाद अग्रवाल के अलावा फर्जी खातों में रुपये देने वाली चार कपंनियों के छह निदेशकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस खंगाल रही खातों का ब्योरा
जांच में टीम खातों का ब्योरा व अन्य जानकारी खंगाल रही है। जल्द ही पुलिस जांच के लिए आगरा भी जा सकती है। दरअसल फर्जी खातों में लेनदेन करने वाली तीन कपंनियां आगरा की हैं। ऐसे में उनके निदेशकों से पूछताछ करने के लिए भी टीम को आगरा ही जाना होगा।
एसपी सिटी की जांच के एसएसपी ने दिए मुकदमे के आदेश
मामले में एसएसपी श्लोक कुमार से शिकायत की गई थी। उन्होंने शिकायत की प्राथमिक जांच के लिए एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह को आदेश दिए थे। एसपी सिटी ने जब मामले की जांच की तो आरोप सही पाए गए। इसके बाद ही एसएसपी ने मामले में दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। एसएसपी ने बताया कि मामला धोखाधड़ी का था, एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करेगी।