राधाकुंड में डायरिया का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अस्पताल में रोगियों की भरमार है। यहां राधानगर में शनिवार रात उल्टी-दस्त से एक वृद्धा की हालत अधिक बिगड़ गई। उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डा. भगवत प्रसाद गोस्वामी ने बताया कि शुक्रवार को रोगियों की संख्या में गिरावट हुई थी, लेकिन शनिवार की रात से रोगियों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। ज्यादा उल्टी-दस्त होने पर सात मरीजों को सरकारी हास्पिटल गोवर्धन में भेजा गया।
इस समय अस्पताल में विश्वनाथ, दीनापुर बंगाल, चांद मोहन शाहा, अलीपुर रेखा मंडल, अधर पाल आदि डायरिया के शिकार हैं। एसडीएम गोवर्धन एमपी सिंह और सीएमओ डा. विवेक मिश्रा लगातार कैंप के माध्यम से रोगियों को दवा वितरण करा रहे हैं। चेयरमैन प्रेमवती ने बताया कि कीटनाशक दवाओं का नालियों में छिड़काव कराया जा रहा है। कस्बे में कहीं भी कूड़े के ढेर नहीं लगने दिए जा रहे हैं। सफाई कर्मियों की अतिरिक्त ड्यूटी लगा दी गई है।
खाद्य विभाग की टीम ने पीने के पानी के नमूने लिए
राधाकुंड में डायरिया फैलने की वजह यहां सप्लाई किए जा रहे पानी को माना जा रहा है। इसी आधार पर रविवार को खाद्य विभाग की टीम ने गोवर्धन और राधाकुंड में अलग-अलग स्थानों से पीने के पानी के नमूने लिए।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके राठी के नेतृत्व में टीम ने गोवर्धन सौंख रोड से गंगा मां आरओ वाटर प्लांट से पानी का नमूना लिया। इसके बाद वराकुली मंदिर, तीन कौड़ी मंदिर, पतित पावन मंदिर राधानगर, गौड़ीय मठ, नगर पंचायत राधाकुंड से 20 लीटर जार से पानी का नमूना, मीरा मनोरंजन से आपूर्ति की जाने वाली पानी की टंकी, राधाकुंड नगर पंचायत के ट्यूबवेल से, यहां की पानी की टंकी से पानी का नमूना लेकर जांच को भेजा गया है। इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह, सहायक ताराचंद मौजूद रहे।