थाना फरह के रैपुराजाट इलाके में देवी मोहल्ला के सिक्स लेन की सर्विस रोड पर डीजल टैंकर से लगी आग के बाद से आसपास के लोग दहशत में हैं।
जान बचाने के लिए ये लोग अपना आशियाना छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए थे। फिर भी आग की चपेट में आने से दो ग्रामीणों की भैंस और एक गाय जल गई।
जहां डीजल भरा टैंकर पलटा था और आग लगी उससे 50 मीटर की दूरी पर गांव के महावीर सिंह की झोपड़ी है। आग से उनकी पत्नी राजवती डर गईं और अपने तीन बच्चों को लेकर सुरक्षित स्थान की ओर भाग गई।
महावीर ने झोपड़ी के पास बंधे पड़ोसियों के पशुओं को खोल दिया। महावीर ने बताया कि आग इतनी विकराल थी कि दूर से ही तपिश के मारे पशुओं तक पहुंचना मुश्किल हो रहा था।
जगदीश ने दी पुलिस को सूचना
घटनास्थल के निकट ही शिक्षण संस्थान चला रहे मोतीकुंज निवासी जगदीश प्रसाद गौतम ने बताया कि टैंकर चालक बहुत तेजी से गाड़ी लहराता हुआ चला आ रहा था। आग लगने पर जब तक टैंकर से निकला तब तक 50 से 60 प्रतिशत झुलस चुका था। सवारियों में चीख पुकार मची थी। उन्होंने 100 नंबर पर फोनकर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद चालक और क्लीनर को 100 रुपये देकर पुलिस के साथ आगरा भेजा।
चाहकर भी नहीं बचा सके: अनिल
अनिल कुमार सारस्वत ने कहा कि गांव के निकट बने खतरनाक मोड़ से ही चालक संतुलन खो बैठा था। आग इतनी भयंकर थी कि वह चाहते हुए भी उसमें फंसी महिलाओं को नहीं निकाल सके। कई बार कोशिश की लेकिन तपिश इतनी अधिक थी कदम रुक गए।
क्लीनर ने जान पर खेलकर तीन को बचाया
अमर सिंह ने बताया कि टैंकर चालक वाली साइड को पलटा था। क्लीनर ने खिड़की का ेसीसा तोड़ दिया और वह खुद बाहर निकला। तब तक डीजल में लगी आग तेज हो रही थी। क्लीनर ने खुद जलने की परवाह किए बिना केबिन में फंसी तीन महिलाओं को खींच कर बाहर निकाला।
इसी दौरान चालक गंभीर हालत में बाहर निकला। तब तक क्लीनर भी झुलस चुका था। इसके बाद वह बेहोश हो गया और ग्रामीणों ने उसे जैसे-तैसे उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। अमर सिंह ने कहा कि एनएचएआई ने गांव के निकट बन रही सर्विस रोड पर स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए हैं। इससे आए दिन वाहन तेज गति से दोड़ते हैं और घटनाएं होती रहती हैं।