गोवर्धन तहसील के गांव सौंसा में डायरिया फैल रहा है। यहां उल्टी, दस्त के रोगियों की कतार लगी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में बने कंट्रोल रूम को सूचना मिली तो वहां से चिकित्सकों की टीम गांव पहुंची। गांव में खाद्य विभाग के अफसरों की टीम भी पहुंची है। कुल 89 रोगियों को दवा दी गई है।
गांव सौंसा में बीते तीन दिन से लोग उल्टी और दस्त के शिकार हो रहे हैं। पहले तो ग्रामीणों ने इसे हल्के में लिया लेकिन बाद में लगातार रोगियों की संख्या बढ़ी तो गोवर्धन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां रोगियों की संख्या बढ़ने पर चिकित्सा प्रभारी मुनीष पौरुष ने मुख्यालय पर सूचना दी।
इस पर सोमवार को मुख्यालय से डा. मेघश्याम के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम गांव पहुंची। रोगियों का परीक्षण किया। ग्रामीणों ने बताया कि कई रोगी आसपास के नर्सिंग होम में भर्ती कि ए गए हैं। रोगियों की संख्या सौ से अधिक बताई गई है। अधिकांश को उल्टी, दस्त, पेट दर्द की शिकायत बताई गई है। माना जा रहा है दूषित पानी या फिर खाने के सामान से ये समस्या बनी है।
आशंका: दूषित पानी से फैला डायरिया
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके राठी ने बताया कि सूचना के साथ ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी नीरद पांडेय, ओपी सिंह और नंदकिशोर की टीम गांव भेज दी गई थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने गांव के एक कुएं और पांच हैंडपंप के पानी के नमूने लिए हैं। बताया गया कि गांव में ऐसी बोरिंग हैं जिनमें बरसात का पानी भी जा रहा है। संभावना जताई जा रही है दूषित पानी से ही डायरिया फैला है।
गोवर्धन में लड्डू नष्ट कराए
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने गोवर्धन में अग्रवाल मिष्ठान भंडार से पचास किलो लड्डू, ब्रजवासी मिष्ठान भंडार से 20 किलो जलेबी, दस किलो सब्जी नष्ट कराई। इनके साथ ही पुरोहित मिष्ठान भंडार को भी सुधार का नोटिस दिया है।