प्रदेश सरकार द्वारा ठाकुर बांकेबिहारी और मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर के अधिग्रहण पर प्रदेश सरकार की स्थिति स्पष्ट न होने और सकारात्मक जवाब न मिलने से धर्म रक्षा संघ और सेवायतों में रोष है।
इस संबंध में आगे की रणनीति बनाने के लिए आचार्य बद्रीश की अध्यक्षता में मंगलवार को धर्म रक्षा संघ की मोहन बाग में बैठक हुई।
संघ के अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने बताया कि राज्यपाल राम नाईक ने भी 12 दिसंबर को स्वयं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखकर बांकेबिहारी मंदिर और विंध्यवासिनी देवी मंदिर को प्रस्तावित अधिग्रहण से विरत रखने का अनुरोध किया है।
उन्होंने कहा कि मंदिर अधिग्रहण के विरोध में कई बार चेतावनी देने के बावजूद प्रदेश सरकार से कोई संतोषजनक उत्तर नहीं आया। हमारे आंदोलन को कमजोर करने के लिए ब्रज के महान संत सियाराम बाबा के प्रभाव का दुरुपयोग कर मंदिर पर जारी अनशन को समाप्त करा दिया गया।
गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने कहा कि सरकार ने धोखे से आंदोलन को समाप्त कराने की कोशिश की, लेकिन अब हमारा द्वितीय चरण का आंदोलन प्रथम चरण से भी ज्यादा विराट होगा। विहिप के पूर्व जिला अध्यक्ष कैप्टन हरिहर शर्मा ने कहा कि भविष्य का आंदोलन देश भर में किया जाएगा।
मंदिर सेवायत देंवेद्रनाथ गोस्वामी और घनश्याम गोस्वामी ने कहा कि द्वितीय चरण का आंदोलन शुरू करने से पूर्व धर्म रक्षा संघ का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलेगा। यदि सरकार ने हमारे अनुकूल लिखित आश्वासन नहीं दिया तो आंदोलन तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक में श्यामसुंदर गौतम, रजत गोस्वामी, गोपेश गोस्वामी, ब्रजेश गोस्वामी, श्रीनाथ गोस्वामी, आभास गोस्वामी, सांवरिया गोस्वामी, अमर बिहारी गोस्वामी, राजकुमार गोस्वामी, राजीव गोस्वामी आदि उपस्थित थे।