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मुड़िया मेले का समापन: नम आंखों से गिरिराजजी से ली विदा, फिर मिलने का वादा कर लौटे श्रद्धालु

Tue, 23 Jul 2024 10:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी. मथुरा

सार

मथुरा में छह दिन से भक्तों के आने का क्रम जारी था, जो मुड़िया मेले के समापन के साथ कम हो गया है। जो भक्त यहां रुके हुए थे, वक्त उनकी विदाई का था। जाते-जाते अपने आराध्य से भक्तों ने विदा ली, तो उनकी आंखें नम हो गईं। भक्तों ने फिर आने का वादा किया और मथुरा से लौट गए।  
 
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मुड़िया पूर्णिमा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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राजकीय मुड़िया मेले के समापन के बाद गिरिराज प्रभु से विदा लेते वक्त भक्तों की आंखें नम हो उठीं। अगले साल दोबारा आने का वादा कर श्रद्धालु घरों को लौट गए। मेले में पिछले छह दिन से भंडारा लगा रहे मध्यप्रदेश के डबरा से आए सोनू जैन, सोनू नगरिया, अविनाश खर्द, नीरज गुप्ता ने कहा कि गिरिराजजी के धाम जैसा कोई स्थल नहीं। यहां आकर मन में श्रद्धा का भाव उत्पन्न हो जाता है। परिक्रमा में छोटे-बड़े का कोई भेद नहीं है। सब समर्पण भाव से प्रभु की परिक्रमा लगाते हैं।
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दिल्ली की महिला श्रद्धालु पूजा वर्मा ने बताया कि पिछले 33 वर्ष से गिरिराजजी की परिक्रमा करने के लिए गुरु पूर्णिमा पर परिवार के साथ आतीं हैं। कुछ लोग यहां आने वाले भक्तों की सेवा करने के उद्देश्य गोवर्धन धाम आते हैं। सेवा भाव के बाद गिरिराजजी की तलहटी छोड़ने का मन ही नहीं करता है। लखनऊ से आए प्रदीप गुप्ता ने बताया कि मुड़िया पूर्णिमा मेले पर गिरिराज प्रभु स्वयं ही भक्तों को सेवा की प्रेरणा देते हैं।
 

सेवा भाव से जुड़े लोग व्यापार व नौकरी से छुट्टी लेकर तन-मन-धन से सहयोग कर परिक्रमा करने वाले भक्तों की सेवा करते हैं। मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान आदि प्रांतों से आए भक्तों की जाते समय आंखें नम हो गईं। भोपाल से आए गिरधारी लाल ने बताया कि यहां की भूमि में कुछ ऐसा जादू है कि यहां बस जाने को मन करता है। सेवा करने आए भक्त अपने पंडालों को हटा रहे हैं और घर लौट रहे हैं। बाहर से आने वाले भक्तों ने प्याऊ, भंडारे और स्वास्थ्य संबंधी सेवा के साथ ही कूलर लगाकर प्याऊ भी लगाई थी।

 
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मुड़िया मेला संपन्न होते ही घटे श्रद्धालु
गोवर्धन का मुड़िया पूर्णिमा मेला संपन्न होने के साथ ही सोमवार से श्रद्धालुओं का आवागमन घट गया। मेले के दौरान गर्मी ने तेवर दिखाए तो बारिश ने भी भक्तों की परीक्षा ली। इसके बाद भी भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई।
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