पच्चीस अगस्त की रात को 12 बजे जैसे ही श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर ठाकुरजी का जन्म होगा देश से विदेशों तक बधाई गूंजने लगेगी। हर तरफ कृष्ण के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठेगा। इस बार कान्हा जन्म के वक्त नवरत्न जड़ित हार धारण करेंगे।
पुष्पांबुज पोशाक पहनेंगे जो रेशम, जरी, सिल्क और रत्नों से बनाई गई है। खास बात यह है कि कृष्ण जन्म पर सभी भक्त ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का भी संकल्प लेंगे। जन्मस्थान पर जो बैनर लगाए जा रहे हैं उनमें बैडमिंटन में रजत पदक विजेता पीवी सिंधू और कुश्ती में कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक के फोटो लगाए गए हैं।
ठाकुरजी के जन्मोत्सव के लिए मथुरा सजने लगा है। जन्मस्थान पर तो पिछले सप्ताह भर से तैयारियां चल रही हैं। गर्भगृह को भी बड़े ही आकर्षक ढंग से वास्तु के अनुरूप सजाया जा रहा है। भागवत भवन के प्रवेश द्वार सुगंधित पुष्पों से सजाए जा रहे हैं। जिस कमल कुंज बंगले में ठाकुरजी विराजेंगे उसकी भव्य सजावट की गई है।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि 25 अगस्त की सुबह दिव्य शहनाई और नगाड़ों के वादन के साथ भगवान की मंगला आरती के दर्शन होंगे। मंगला आरती के बाद भगवान का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। सुबह 10 बजे श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास जी और गुरुशरणानंद जी पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।
जन्मोत्सव का मुख्य कार्यक्रम रात को 11 बजे श्रीगणेश-नवग्रह पूजन के साथ शुरू होगा। रात को 12 बजे भगवान के प्राकट्य के साथ मंदिर परिसर में ढोल-नगाड़ों के साथ भक्त झूम उठेंगे। भगवान के जन्म की महाआरती शुरू होगी जो रात को 12:10 बजे तक चलेगी। जन्म महाभिषेक रात को 12:15 से रात 12:30 बजे तक चलेगा।
12:40 बजे से 12:50 तक शृंगार आरती के दर्शन होंगे। कृष्ण भक्त रात को 1:30 बजे तक ठाकुरजी के दर्शन कर सकेंगे। प्रशासनिक अनुमान है कि जन्मोत्सव का साक्षी बनने के लिए देशभर से करीब दस लाख लोग मथुरा पहुंचेंगे। सुरक्षा के लिहाज शहर को 14 जोन में बांट दिया गया है। हर जोन पर मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे।
सभी होटल और गेस्ट हाउस बुक
जन्माष्टमी पर बड़ी संख्या में भक्त मथुरा आ रहे हैं। शहर के बड़े होटल और गेस्ट हाउस को पहले ही बुक करा लिया गया है। धर्मशालाएं तक फुल हो गई हैं। मथुरा के साथ ही वृंदावन में भी उत्सव की धूम मच रही है। यहां के भी सभी होटल बुक हो चुके हैं।
विदेशी भक्त पहुंच गए ब्रज में
विदेशों में रहने वाले कृष्ण भक्त मथुरा में पहुंच गए हैं। यह लोग हर रोज मंदिरों पर जाकर भगवान की पूजा कर रहे हैं। जन्मस्थान के साथ ही कृष्ण के दूसरे मंदिरों पर भी बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ लगने लगी है। इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया, जापान, नेपाल, अमेरिका, रूस और यूरोपियन कंट्री से कृष्ण के भक्त पहुंच रहे हैं।