कान्हा के साथ छुट्टियों की क्या है बात। जन्मभूमि के दर्शन। गिरिराजजी की परिक्रमा। बांकेबिहारी का दीदार। गोकुल की गलियों का भ्रमण। यकीन मानिए इन दिनों तो हर तरफ कृष्ण भक्तों का समुंदर उमड़ रहा है। शुक्रवार रात से रविवार रात तक करीब पांच लाख लोगों ने गिरिराजजी की परिक्रमा लगाई। बांकेबिहारी के दर्शन के लिए भी चार लाख भक्त पहुंचे। जन्मभूमि पर तो श्रद्धालुओं की लाइन टूट ही नहीं रही।
पहले सेकेंड सेटरडे, फिर रविवार, सोमवार को पंद्रह अगस्त। तीन दिन की छुट्टियां मनाने के लिए भक्तों का सैलाब ठाकुरजी की नगरी में उमड़ पड़ा है। मथुरा में जन्म भूमि और द्वारिकाधीश, वृंदावन में बांकेबिहारी और गोवर्धन में गिरिराज महाराज। हर जगह कृष्ण भक्तों की भीड़ है।
कान्हा के जयकारे गूंज रहे हैं। हर जुबां पर राधे-राधे है। भीड़ का आलम यह है कि मथुरा तक आने वाले सभी रास्तों पर जाम है। यमुना एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक दोगुना हो गया है। हाईवे पर जाम जैसे हालात बन रहे हैं। वृंदावन के रास्ते भी इस समय फुल चल रहे हैं। गोवर्धन जाने वाले मार्ग पर भी भीड़ ही भीड़ है। अलीगढ़ से मथुरा वाले रास्तों पर भी इस समय ट्रैफिक डबल है।
चाहें मथुरा का रेलवे स्टेशन हो या फिर रोडवेज बस अड्डा। ट्रेन और बस सब फुल चल रहे हैं। हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड समेत देश के कोने-कोने से भक्त पहुंच रहे हैं।
गाजियाबाद के कवि नगर निवासी देवपाल सिंचाई विभाग में हैं। वह अपने पूरे परिवार के साथ पहुंचे। उनका कहना है कि बच्चों की छुट्टी है, फिर पता नहीं कब मौका मिले। लिहाजा दर्शन के लिए आ गए। गाजियाबाद के कवि नगर से गौरव शर्मा भी परिवार के साथ आए।
वह भी सरकारी कर्मचारी हैं। परिवार के साथ छुट्टियां कान्हा की नगरी में मनाई। जयपुर से साधना अपनी मां और पति के साथ पहुंचीं। वह शिक्षिका हैं। बोलीं, पहले सोचा था जन्माष्टमी पर आएंगे, लेकिन अब मौका मिल गया है तो दर्शन कर लिए।
इन रास्तों पर बढ़ा ट्रैफिक
यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा दिल्ली नेशनल हाईवे, अलीगढ़-मथुरा मार्ग, अलीगढ़-मुरादाबाद मार्ग, बरेली-जयपुर मार्ग, अलवर-मथुरा मार्ग।