वृंदावन (मथुरा)। नगर निगम की सरहद पर लगे 20 गांव में ग्राम पंचायत की जमीनों पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। इसका कारण इन गांवों की जमीनों की कीमतों में आया उछाल है। अभी हाल ही में यह गांव निगम में शामिल किए गए हैं लेकिन प्रशासन ने इन गांवों का रिकॉर्ड निगम को नहीं सौंपा है। निगम अधिकारियों के मुताबिक उन्हें जब तक रिकार्ड नहीं मिल जाता तब तक निगम की जमीन को कब्जाने वालों को नहीं रोक सकते।
काफी इंतजार के बाद वृंदावन की सीमा से जुड़े 20 गांवों को करीब दो माह पूर्व शासन ने निगम में शामिल करने की हरी झंडी दे दी। इन गांवों के शामिल होने की घोषणा के साथ ही ग्राम पंचायत की जमीनों पर दबंग तथा माफिया की नजर टिक गई। वह लेखपाल तथा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से सांठगांठ कर निगम की जमीनों पर कब्जा करने में जुट गए हैं। इस प्रकार की शिकायतें निगम के अधिकारियों को लगातार मिल रही हैं।
उनके द्वारा राजपुर खादर में मिली एक शिकायत पर कार्रवाई तक की है। इस संबंध में एक व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज भी कराई है लेकिन अन्य शिकायतों पर निगम अधिकारी फिलहाल कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। इसका कारण उनके हाथ में इन गांवों का रिकॉर्ड शामिल न होना है। जिसके चलते जब वह मौके पर जाते हैं तो वस्तु स्थिति की जानकारी नहीं हो पाती है।
जानकारी रहे इसी प्रकार से 51 गांव जब निगम में शामिल हुए थे तो उनकी जमीनों पर भी दबंगों ने कब्जा लिया था जो निगम अधिकारी आज तक खाली नहीं करवा सके हैं। लोगों की शिकायत है कि कुछ लोग इन गांवों की बेशकीमती जमीनों पर तहसील के रिकॉर्ड मेें फेरबदल करवा रहे हैं।
निगम अधिकारी मांग चुके हैं रिकार्ड
निगम अधिकारियों द्वारा इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है लेकिन अभी तक 20 गांवों का रिकॉर्ड प्रशासन द्वारा निगम को नहीं दिया गया है। निगम अधिकारी अब पुन: पत्र लिखकर प्रशासन से इस रिकॉर्ड की मांग करेंगे।
रिकॉर्ड मिलने पर ही इस प्रकार की शिकायतों पर होगी कार्रवाई
अभी तक हमें प्रशासन से 20 गांवों का रिकॉर्ड नहीं मिल सका है। जिसके चलते हम गांवों की जमीन को वेरीफाई नहीं कर पा रहे हैं। इस प्रकार की शिकायतें मिल रही हैं। हमने एक स्थान पर जमीन कब्जाने वाले खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई है।
- सतेंद्र तिवारी, अपर नगर आयुक्त