केंद्र की प्रसाद योजना के अंतर्गत धार्मिक नगरी मथुरा के विकास के लिए राज्य सरकार ने 40 करोड़ के प्रस्तावों की सूची भारत सरकार को भेज दी है।
इनमें यमुना के प्राचीन घाटों के साथ नंदगांव और बलदेव के विकास के प्रस्ताव भी शामिल हैं। केंद्र की स्वीकृति मिलते ही इन प्रस्तावों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
भारत सरकार ने भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला स्थली को कई विकास योजनाओं में शामिल किया है। इसमें से एक प्रसाद योजना में जिला स्तर से पर्यटन विभाग द्वारा नौ प्रोजेक्ट राज्य सरकार को भेजे गए थे। इसमें यमुना से जुडे़ प्राचीन घाटों का सुंदरीकरण शामिल है।
इन घाटों में विश्रामघाट से ऊपर के घाट, हंसिया रानी घाट, चिंताहरण महादेव घाट शामिल हैं। इनके अलावा नंदगांव और बलदेव को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने का प्रस्ताव है। ब्रज क्षेत्र मथुरा में प्राचीन स्थलों के लिए भी प्रस्ताव हैं।
इस तरह नौ प्रोजेक्टों पर 40 करोड़ रुपये खर्च का आकलन किया गया है। मथुरा पर्यटन विभाग ने प्रसाद योजना के अंतर्गत इन सभी प्रस्तावों को राज्य सरकार के पास भेजा था। राज्य सरकार ने इसे अनुमोदित करते हुए स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेज दिया है। अब भारत सरकार की अनुमति मिलने के बाद इनकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने का काम शुरू होगा।
राज्य सरकार ने प्रसाद योजना में चयनित कार्यों की लिस्ट केन्द्र को भेज दी है। सांसद हेमामालिनी की कोशिश ब्रज विकास से जुड़ी सभी योजनाओं को जल्द शुरू कराने की है, जिससे राज्य सरकार इन योजनाओं को जल्द जमीन पर उतार सके।
जनार्दन शर्मा
सांसद प्रतिनिधि