विधान परिषद समिति के सदस्य केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा वृंदावन के लिए दी गई धनराशि से हुए विकास से नाखुश दिखाई दिए। समिति ने मंगलवार को दोपहर में मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण, नगर निकाय और नगर पंचायत के कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद विभागों की समस्याओं को सुनकर तीन माह में निस्तारण के आदेश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद समिति के सभापति गोपाल प्रसाद मिश्र ने पत्रकार वार्ता में बताया कि वृंदावन, मथुरा और गोवर्धन धार्मिक नगरी हैं। यहां निरीक्षण से पता चलता है विकास कार्य ठीक से नहीं हुए। यहां की सड़केें और विप्रा की कालोनी में बने पार्कों की दुर्दशा की रिपोर्ट आ गई है।
वृंदावन में सफाई कार्य में सुधार की जरूरत है। यमुना किनारे अवैध कालोनी, घाटों पर अतिक्रमण और कब्जों की शिकायत को भी समिति ने गंभीरता से लिया है। समीक्षा के बाद विभागों से कहा गया है कि जो पैकेज सरकार से मिले हैं उन्हें पूरा कर लें।
इस अवसर पर विधान परिषद के सदस्य राकेश सिंह, सूरजभान करवरिया, राजेश सिंह, अरविंद कुमार त्रिपाठी, प्रताप सिंह बघेल, वीरू सुमन, अब्दुल अदान, केदारनाथ सिंह, प्रशासनिक अधिकारी जयशेखर वाजपेई, डीपी सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट हेम सिंह, वृंदावन पालिका के ईओ रजनीश शर्मा मौजूद रहे।