एक देश एक चुनाव की नीतियों को गिनाते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव समय की पुकार है। इससे देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में स्थायित्व आएगा और बार-बार के चुनावों से होने वाले खर्च एवं बाधाएं समाप्त होंगी। साथ ही विकास कार्यों में तेजी आएगी।
बृहस्पतिवार को मथुरा-वृंदावन रोड स्थित एसकेएस ग्राउंड में उपमुख्यमंत्री ने सामाजिक संगठन के कार्यकर्ताओं से संवाद किया। साथ ही कहा कि 2014 के पहले देश के सामने अस्थिरता और पहचान का संकट था, लेकिन अब देश पीएम मोदी के नेतृत्व में विश्व में अपनी अलग पहचान बना रहा है। एक देश एक चुनाव की नीतियों पर जोर देते हुए कहा है कि हर बार चुनाव से 3.5 से 4.5 लाख करोड़ रुपये का बोझ जनता पर पड़ता है, जो विकास कार्यों में लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी पसंद का जनप्रतिनिधि चुनना जनता का अधिकार है, लेकिन बार-बार चुनाव कराना जनता पर अनावश्यक बोझ डालता है। विधान परिषद सदस्य एवं मथुरा प्रभारी अशोक कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक देश एक चुनाव विजन को साकार करना है। यह विजन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का था, जिन्होंने राजनीतिक स्थिरता को सुशासन, सुरक्षा और विकास की पहली शर्त माना था।
इससे पहले उपमुख्यमंत्री व पदाधिकारियों ने पं. दीनदयाल उपाध्याय एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र के समक्ष दीप जलाया। राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह, महानगर अध्यक्ष हरिशंकर राजू यादव, जिलाध्यक्ष निर्भय पांडेय, विधायक मेघश्याम सिंह, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य भुवन भूषण कमल, जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी, एसकेएस शर्मा, चेतन स्वरूप पाराशर, पन्नालाल गौतम, रविकांत गर्ग, पूर्व महापौर डॉ. मुकेश आर्य बंधु, श्याम शर्मा आदि कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद थे।