नौहझील। गांव नावली में 10 से अधिक ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे मलेरिया और डेंगू बुखार की चपेट में हैं। कई घरों में तो परिवार के कई सदस्य बीमार हैं।
गांव में विजय सिंह, नीरज देवी, चंद्रवती, उर्मिला देवी, रजनी देवी, विमलेश, वीरेंद्र सिंह, लोकेश, गौरी और तन्नू बीमारी की चपेट में हैं। सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों को निजी अस्पतालों में उपचार कराना पड़ रहा है। वहीं कुछ मरीजों की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। विजय सिंह का उपचार दिल्ली के एम्स में चल रहा है जबकि वीरेंद्र सिंह केडी अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं दो अन्य महिलाएं भी मथुरा के निजी अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
बढ़ते संक्रमण को देख प्रधान मनोज, बहादुर सिंह, अर्जुन, दिगंबर सिंह, गिर्राज सिंह और वीरपाल ने सीएमओ से गांव में डॉक्टरों की टीम भेजकर मरीजों का बेहतर उपचार कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना दिए जाने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की कोई भी टीम मरीजों की देखभाल के लिए गांव नहीं पहुंची है। वहीं गांव नावली के पास के गांव हसनपुर, सामंता गढ़ी में भी कुछ ग्रामीण बीमारी की चपेट में हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौहझील के प्रभारी डॉ. हेमराज सिंह ने बताया कि गांव में उपचार के लिए चिकित्सकों की टीम गई थी, जहां तीन मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की निरंतर गांव में पहुंचकर मरीजों का उपचार करेगी।