मथुरा। कोविड-19 के दौर में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से मौसमी बीमारियों को लेकर सचेत रहने के लिए अलर्ट किया है। खासकर डेंगू व मलेरिया के साथ ही टीबी को लेकर विभाग ने रोकथाम की तैयारी शुरू कर दी है।
अक्सर जून के समाप्त होने के बाद जुलाई में मलेरिया-डेंगू रोग फैलने लगता है। जैसे ही पहली या दूसरी बरसात होती है, इन दोनों रोग का प्रकोप बढ़ जाता है। कोरोना के दौर में स्वास्थ्य विभाग के लिए दोनों रोगों को फैलने से रोकने की बड़ी चुनौती है। जिला मलेरिया अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि मलेरिया को देखते हुए दवा का छिड़काव शुरू करा दिया है। कोशिश है कि मलेरिया का प्रकोप न फैले। मलेरिया के साथ डेंगू भी फैलता है। इसके लिए लोगों को बताया जा रहा है कि मलेरिया व डेंगू के यदि कोई लक्षण है तो वह तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।
कोरोना वायरस और क्षय रोग के संक्रमण के समान लक्षण होते है। संक्रमण की जद में आने से बचने के लिए मरीजों के साथ स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। यदि कोई टीबी की जांच के लिए आता है तो वह क्या-क्या सावधानी बरतें। उन्हें लगता है कि मरीज में टीबी नहीं कोरोना के अधिक लक्षण हैं तो वह परामर्श लेकर उनकी कोरोना की भी जांच करा सकते हैं।
ये है डेंगू के लक्ष्ण
डेंगू रोगी के शरीर पर चकत्ते पड़ जाते हैं। तेज सिर दर्द होता है। आंखों में भी दर्द रहता है। तेज बुखार और मसूड़ों व नाक से खून आना शुरू हो जाता है।