मथुरा। भारतीय किसान क्रांति यूनियन की ओर से तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर का शुभारंभ चित्रकूट मसानी रोड पर किया गया। 4 सितंबर तक चलने वाले शिविर में राष्ट्रीय व प्रदेश पदाधिकारियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों से आए किसान प्रतिनिधि और कार्यकर्ताओं ने शामिल होकर किसानों की समस्याओं, संगठन के विस्तार और आगामी आंदोलनों की रणनीति पर मंथन किया।
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट ऋषि मिश्रा ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन खेती की बढ़ती लागत, मौसम की मार और बाजार की चुनौतियों के कारण वह परेशान है। किसानों के अधिकार और सम्मान की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाना संगठन की प्राथमिकता है। आयोजक एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी पंडित मानिक शर्मा ने कहा कि मथुरा की धरती पर राष्ट्रीय चिंतन शिविर संगठन के लिए ऐतिहासिक अवसर है। यहां देशभर के किसानों की समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जाएगी। कार्यक्रम संयोजक एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन चतुर्वेदी ने बताया कि शिविर में किसान हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
उत्तर प्रदेश महासचिव एडवोकेट उदयभान सिंह और मथुरा जिलाध्यक्ष भगवानदास तोमर ने कहा कि किसान की समस्या सिर्फ फसल नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था से जुड़ी है। उन्होंने लागत के अनुरूप लाभकारी मूल्य, पर्याप्त बिजली-पानी, सस्ती कृषि सामग्री, प्रभावी फसल बीमा, बेहतर मंडी और भंडारण व्यवस्था तथा कर्ज के उचित समाधान की मांग उठाई। शिविर के समापन पर संगठन की आगामी रणनीति और किसान हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की जाएगी।