बांकेबिहारी मंदिर में सेवायतों द्वारा 30 जून की रात मुख्य सचिव सहित प्रशासनिक अधिकारियों को मंदिर परिसर में भोजन कराने के मामले में बांकेबिहारी मंदिर प्रबंध कमेटी की बैठक में लिए गए निर्णय की कापी भेज दी गई है। कर्मचारी के हाथों एक कापी भेजने के साथ ही एक कापी डाक द्वारा भी भेजी गई है।
मंदिर प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष नंदकिशोर उपमन्यु ने गुरुवार को बताया कि सेवायत आनंद किशोर गोस्वामी और जुगल किशोर गोस्वामी को सात जुलाई की रात को हुई मंदिर प्रबंध कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय से अवगत कराने के लिए आज निर्णय की दो प्रतिलिपियां अलग-अलग व्यवस्थाओं से भेजी गई हैं।
उन्होंने बताया कि निर्णय में कहा गया है कि सेवायतों (आपने) 30 जून की रात मंदिर के पट बंद होने के उपरांत अपने 75 यजमानों को भोजन कराकर कोर्ट के निर्णय का उल्लंघन किया। इसके लिए आपको नोटिस देकर जवाब मांगा गया, लेकिन आपका जवाब संतोष पूर्ण नहीं रहा।
उन्होंने बताया कि सेवायतों के नोटिस से मंदिर प्रबंध कमेटी संतुष्ट नहीं है। अत: आप पर दोनों भाई एक मुस्त 7.5 लाख रुपये एक साथ दें, या अलग-अलग 3.75 लाख की धनराशि जमा कराएं।
निर्णय की प्रतिलिपि प्राप्त होने के सात दिन के अंदर यदि सेवायत कमेटी के समक्ष जुर्माने की राशि 7.5 लाख रुपये जमा नहीं कराते हैं तो आपको मंदिर से मिलने वाली सुविधाएं बंद कर दी जाएंगी।
बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा ने बताया कि गुरुवार को मंदिर के कर्मचारी के हाथों निर्णय की काफी सेवायत आनंद किशोर गोस्वामी और जुगल किशोर गोस्वामी की गद्दी और निवास पर भेजा गया, लेकिन सेवायतों के न मिलने के बाद ही अध्यक्ष के आदेश पर एक कापी डाक द्वारा भी भेजी गई है।