कन्हैया की नगरी में मेघ जमकर बरसे। दिन भर आसमान पर छाए बादलों के बाद शाम को झमाझम देख गरमी से मुरझाए चेहरे खिल गए। बच्चों ने बरसात का खूब लुत्फ उठाया लेकिन शहर में मुसीबत खड़ी हो गई। बरसात के चलते शहर मेें प्रवेश के प्रमुख रास्ते बंद हो गए। इससे लोगों को इधर से उधर भटकना पड़ा।
गुरुवार को सुबह से ही आसमान पर बादल छा गए थे। दोपहर बाद बदरा घने हो गए और शाम को तेज बरसात ने लोगों को खुश कर दिया। गरमी से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली। बरसात में बच्चों ने जमकर मस्ती की। तेज बरसात ने लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी।
शहर में जगह-जगह जलभराव से आवाजाही ठप रही। शहर के बाहर की छोटी-बड़ी लगभग 200 कालोनियों के वाशिंदे जलभराव से खासे प्रभावित रहे। इनके लिए शहर में प्रवेश के प्रमुख मार्ग नया बस अड्डा, पुराना बस अड्डा, भूतेश्वर रेलवे पुल पर हुए जलभराव से आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। महोली रोड, बीएसए कालेज रोड, कृष्णा नगर, महाविद्या कालोनी की सैकड़ों कालोनियों में घरों में पानी घुस गया। इसके चलते लोगों खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
राया शोध केंद्र पर 20 मिमी बरसात दर्ज
राया शोध केंद्र पर गुरुवार को 20 मिमी बरसात दर्ज की गई। प्रभारी डा. श्याम सुंदर शर्मा ने बताया कि दिन का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में आर्र्दता 75 प्रतिशत मांगी गई है। अभी और बरसात की संभावना जताई गई है।