भरतपुर से मथुरा के सफर में दादा की लाश के साथ पोते के सफर का मामला रेल मंत्री सुरेश प्रभु तक पहुंच गया। उनके निर्देश मिलने पर डीआरएम के आदेश पर आरपीएफ ने मामले की जांच की। इसके बाद रविवार को अपनी जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है।
भरतपुर स्थित कुम्हेर निवासी रज्जो (55) पुत्र संतोका अपने चार वर्षीय पोते आदित्य के साथ गुरुवार दोपहर को बयाना पैसेंजर में बैठकर मथुरा आ रहे थे। मार्ग में ही रज्जो की बीमारी के चलते मौत हो गई। जब उनके शरीर में कोई हरकत नहीं हुई तो मासूम आदित्य रोने लगा। इसी दौरान एक रेल यात्री निरंजन कुमार ने बच्चे का फोटो खींचकर केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु को ट्विटर पर मेसेज भेज दिया। रेल मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत डीआरएम आगरा को मामला दिखवाने के निर्देश दिए। डीआरएम आगरा के निर्देश पर आरपीएफ मथुरा ने इसकी जांच की।
रविवार को आरपीएफ ने इसकी आख्या उच्चाधिकारियों को सौंप दी। आरपीएफ इंस्पेक्टर सतेंद्र यादव ने बताया कि सफर में दादा की मौत हो गई थी। इससे आदित्य रोने लगा। जीआरपी ने मथुरा स्टेशन पर शव को उतार लिया था। शव की शिनाख्त रज्जो के रूप में हो गई। रज्जो के पुत्र खेमचंद ने इसकी शिनाख्त कर ली। जीआरपी ने आदित्य को उसके परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया।