उन्होंने बताया कि पांच सितंबर 2015 को पुलिस ने उनकी मरी हुई बेटी की फोटो दिखाई थी, जिसकी उन्होंने आरती के रूप में शिनाख्त भी की। अगर पुलिस आमना सामना कराएगी तब और देखकर बता सकेंगे कि वह आरती है या नहीं। पुलिस डीएनए टेस्ट भी कराने पर विचार कर रही है।
सात लाख और प्लाट हड़पना चाहते हैं पिता
आरती के संबंध में भले ही परिवार की ओर से कई सवाल खड़े हो हुए हैं, लेकिन आरती ने पिता पर ही कई आरोप लगाए हैं। पिता सूरज जहां आरती को मरा बता रहा है, वहीं बेटी ने पिता पर उसके सात लाख रुपये की एफडी और प्लाट हड़पने के लिए षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है। आरती ने पुलिस को बताया कि उसके पिता सूरज उसके नाम जो प्लॉट और सात लाख की एफडी थी उसे हड़पना चाहते थे। इस कारण वह एक दिन बिना बताए घर से भाग गई। वृंदावन कोतवाली प्रभारी विजय कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।