बीस मिनट तक कार्तिक स्वीमिंगपूल में पड़ा रहा। काफी देर तक साथियों को नजर नहीं आया तो हल्ला मचा। इधर-उधर खोज हुई। बाद में उसे पूल से निकाला गया। सीसीटीवी फुटेज से पूरे हादसे का खुलासा हो रहा है।
सोमवार शाम पांच बजे वृंदावन के भक्ति वेदांत गुरुकुल एवं स्कूल में कक्षा सात के छात्र दिल्ली के कृष्णानगर निवासी 13 वर्षीय कार्तिक शर्मा की स्कूल के स्वीमिंग पूल में डूब जाने से मौत हो गई थी। मंगलवार सुबह बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। यहां पहुंचे कार्तिक के पिता मनीष शर्मा ने बताया कि उन्होंने स्वीमिंग पूल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी है।
फुटेज से पता चल रहा है कि कार्तिक का शव बीस मिनट तक स्वीमिंग पूल में 10 फुट गहरे पानी में पड़ा रहा है। स्वीमिंग पूल में 15 से 19 बच्चे स्नान कर रहे थे। कार्तिक डूब गया और सारे बच्चे हास्टल में आ गए। साथी छात्रों को जब कार्तिक नहीं दिखा तो उसकी खोजबीन की गई। इसमें 20 मिनट गुजर गए। तब 10 फुट गहरे पानी से कार्तिक को निकाला। 5.30 बजे उनको सूचना दी गई। हालांकि मनीष शर्मा ने इसे एक हादसा बताया।
दिल्ली के कृष्णानगर निवासी व इलेक्ट्रानिक्स कारोबारी मनीष शर्मा व उनकी पत्नी मंजू शर्मा कहती हैं कि वे अपने बच्चे को संस्कारित शिक्षा दिलाना चाहते थे। कार्तिक की संस्कार सीखने में बहुत रुचि थी। वह पढ़ाई में अव्वल था। नौ अप्रैल को वे उसे वृंदावन छोड़कर गए थे। दो दिन पूर्व ही उसने फोन पर बात की थी। वह बहुत खुश था।
एक साथ कुदा दिए थे सभी छात्र, स्वीमिंग पुल सील
स्वीमिंग पूल
- फोटो : अमर उजाला
इस्कान के भक्ति वेदांत गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल के स्वीमिंग पूल को पुलिस ने सील कर दिया है। पुलिस ने अपनी जांच में माना है कि सोमवार की शाम को कक्षा सात के छात्र कार्तिक की जिस स्वीमिंग पूल में डूबने से मौत हुई वह न तो मानक से बना है और न सुरक्षा के नियमों का पालन हो रहा था।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि जांच में पता चला है कि 10 फुट गहरे पूल में 15 बच्चों को तैरने के लिए एक साथ कुदा दिया, जबकि कोई ट्रेनर मौके पर ही नहीं था। एक आश्रम शिक्षक दुर्घटना के समय बच्चे को बचा नहीं पाया। स्वीमिंग पूल में प्रतिदिन सायं के समय बच्चे तैराकी सीखते थे। स्वीमिंग पूल की लम्बाई, चौड़ाई, गहराई तो सही है ही नहीं। वहां दिन में भी रोशनी की भारी कमी है।
जिले में आधा दर्जन से अधिक स्कूलों और होटलों में स्वीमिंग पूल का संचालन हो रहा है लेकिन लोगों को बचाने के लिये लाइफ सेवर, रेसक्यू इक्यूपमेंट और कोच तक नहीं है। प्रशासन भी नियमों की अनदेखी कर रहा है। जिला खेल अधिकारी जीडी बारीकी का कहना है कि ‘स्कूलों में संचालित स्वीमिंग पूल हमारे नियंत्रण में नहीं आते है। लेकिन इतनी हमें जानकारी है कि इन स्कूलों में लाइफ सेवर नहीं है।
अभिभावकों में डर, सुबह गुरुकुल पहुंच ली बच्चों की कुशलक्षेम
स्वीमिंग पूल के गेट पर लगा ताला
- फोटो : अमर उजाला
पीड़ित परिवार ने अभी तहरीर नहीं दी है। पुलिस उनकी तहरीर का इंतजार कर रही है। वहीं स्कूल के प्रिंसीपल हरिकेश्वर कुशवाहा ने थाना कोतवाली में तहरीर दे दी है। इसमें कहा गया है कि गुरुकुल के स्वीमिंग पूल में बच्चों के साथ नहाते समय कक्षा 7 में पढ़ने वाला छात्र कार्तिक डूब गया।
इसकी सूचना छात्र के परिवार वालों को दे दी गई। प्रिंसीपल ने बताया कि पुलिस द्वारा की गई जांच में हम पूरा सहयोग कर रहे है। वहीं विद्यालय प्रबंधन भी घटना के समय मौजूद अन्य छात्रों व शिक्षकों से मामले की जानकारी जुटाने में लगा हुआ है। छात्र के शोक में मंगलवार को स्कूल में शोक अवकाश रहा।
कार्तिक की मौत के बाद अन्य बच्चों के अभिभावकों में मन में डर बन गया है। आनंद वाटिका निवासी पूर्व ब्लाक प्रमुख की पत्नी पिंकी द्विवेदी कक्षा 5 में पढ़ रहे अपने बेटे क्रिश द्विवेदी से मिलने पहुंची। उनका कहना था कि गुरुकुल प्रबंधन को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखनी चाहिए। गुरुकुल में कुल 270 बच्चों में 170 बच्चे छात्रावास में रहते हैं। छात्रावास में रहने वाले प्रत्येक बच्चे के हिसाब से अभिभावक से लगभग दो लाख रुपये प्रति वर्ष लिए जाते हैं।