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इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कें बदहाल

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इंडस्ट्रियल एरिया में उखड़ी हुई सड़कों पर भरा बरसात का पानी। - फोटो : MATHURA
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मथुरा। सरकारें आईं और चली गईं। वायदे बहुत हुए, लेकिन सरकार को करोड़ों का राजस्व देने वाले इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कें अब भी बदहाल हैं। सड़कों पर गड्ढों में व्यापारी और राहगीर हिचकोले खाते हुए आते-जाते हैं। बारिश में हालात और भी बदतर हो गई है। पानी भरे गड्ढों में दोपहिया वाहन चालक गिरते रहते हैं।
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इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कों पर गहरे गड्ढे हैं। इन जर्जर सड़कों का असर उद्योग पर भी पड़ रहा है। आए दिन वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां हादसे होना भी आम बात है। नेशनल हाईवे को जाने वाला मार्ग भी है खस्ताहाल है। अधिकारियों और नेताओं की गाड़ियां अक्सर यहां से गुजरती हैं। न किसी अधिकारी को गड्ढे दिखाई देते हैं और न ही जनप्रतिनिधियों को।
पिछली बार सड़क का निर्माण कब हुआ यह बताना मुश्किल है। इसलिए सड़कों पर गड्ढे हो गए हैं। इन सड़कों के जर्जर होने का कारण बरसात के पानी की सही प्रकार निकासी न होना है। नालों की सफाई न होती है। कई बार नगर निगम प्रशासन को भी अवगत करया, लेकिन न नालों की सफाई हुई है और न सड़कें ही बनी।
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- आरपी सिंघल, अध्यक्ष, इंडियन इंड्रस्टीज एसोसिएशन मथुरा
यहां देखकर लगता है कि सड़कों पर गड्ढे नहीं, लगता है जैसे गड्ढों में सड़क हो। नाले नालियों पर कब्जे कर लिए हैं। बरसात का पानी सड़कों पर ही भरा रहता है। पानी भरने से सड़कों पर गड्ढों का अंदाजा लगाया जाना भी मुश्किल है। ऐसे में कई बार दुघर्टनाएं भी हो चुकी हैं। लगभग 6 वर्ष पूर्व सड़क का निर्माण हुआ था।
- भूपेंद्र अग्रवाल, उपाध्यक्ष आईआईए, मथुरा।
बारिश के दिनों में यहां से निकलना खतरे से खाली नहीं है। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाता है। इस कारण लोगों को वाहन से नहीं पैदल निकलना पड़ता है। नालों का ढलान भी उल्टा है। सड़कों की मरम्मत और नवीनीकरण के लिए कई बार प्रशासनिक अधिकारियों लिखा गया, लेकिन हालात नहीं बदले।
- अचल शर्मा, संगठन मंत्री, आईआईए, मथुरा।
सड़कों का निर्माण मानकों के अनुसार नहीं हुआ। करीब 6 वर्ष पूर्व बनी सड़क कुछ ही समय चल सकी, बाद में यहां गड्ढे हो गए। गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। यहां से निकलना जान जोखिम में डालने जैसा है। बारिश के दिनों में तो हालात और भी बिगड़ जाते हैं।
- अजय अग्रवाल, उद्योगपति
जिलेभर में जहां भी सड़कें खराब हैं, उन्हें दुरुस्त करने के लिए संबंधित विभाग और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। सड़कों को सुधारने का काम लगातार जारी है। यदि किसी क्षेत्र में सड़कें खराब हैं तो शीघ्र दुरुस्त कराई जाएंगी।
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- सर्वज्ञराम मिश्र, जिलाधिकारी
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