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कट्टरता और कटुता से बिगड़ रहे रिश्ते: दलाईलामा

Thu, 23 Mar 2017 12:19 AM IST
अमर उजाला मथुरा
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दलाईलामा - फोटो : अमर उजाला
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तिब्बती धर्मगुरु ने कहा कि कट्टरता और कटुता की वजह से ही रिश्तों में खटास पैदा हो रही है। सभी धर्म प्रेम और सद्भाव की शिक्षा देते हैं, लेकिन जहां कट्टरता आ जाती है उसका मूल समाप्त हो जाता है।
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आध्यात्मिक गुरु दलाईलामा ने मंगलवार को महावन स्थित रमणरेती आश्रम में लोगों को शांति का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहां सद्भाव है, शांति है। भाईचारे से लोग रहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रसन्नता सबसे बड़ा धन है, खुशियां बांटने वाला सबसे धनवान होता है। लिहाजा खुशियां बांटनी चाहिए। आगे कहा कि कुछ लोगों ने धर्म में कट्टरता व कटुता पैदा कर दी है। कट्टरता व कटुता से समस्या पैदा हो रही है। मेडिकल साइंस मानती है कि व्यक्ति का चित्त शांत नहीं रहने से व्याधियां और बीमारियां बढ़ रही हैं। पर्यावरण प्रदूषण और नदियों के जल प्रदूषण पर कहा कि तिब्बत में भी प्रदूषण बढ़ रहा है। तिब्बत के लोगों से प्रदूषण कम करने को प्लास्टिक प्रयोग नहीं करने को कहा गया है।

तिब्बत का धार्मिक गुरु है भारत
तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने कहा कि भारत तिब्बत का धर्मगुरु है। तिब्बत की धार्मिक मान्यताएं सनातन धर्म के समान हैं। पूर्व में भारत में तक्षशिला व नालंदा विश्वविद्यालय सबसे बड़ा ज्ञान केंद्र थे। उससे बौद्धिक साधकों ने धर्मग्रंथ जुटाए और  तिब्बत ले जाकर उनका अध्ययन किया। उन धर्मग्रंथों को तिब्बती घोट भाषा में परिवर्तित कर उसे अपनाया जा रहा है। वह सनातन धर्म से बहुत मेल खाता है। आगे कहा कि वह भारत के चाहने वाले हैं।
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संत शरणानंद का आध्यात्मिक मित्र हूं। इस दौरान संत शरणानंद ने उनके सम्मान में प्रवचन दिए। इस मौके पर संत प्रकाशानंद, ज्ञानानंद, आदित्यानंद, बालयोगेश्वरानंद, रामानंद सरस्वती, देवस्वरूप ब्रह्मयोगी, महंत हरिबोल बाबा, संत जयकिशन दास, मनोज मोहन, श्रीकृष्ण चंद्र शास्त्री, गोपेश गोस्वामी, स्वामी मंगलानंद, पुंडरीक महाराज, रमाकांत गोस्वामी मौजूद रहे।

दो घंटे हवन, शिव मंदिर में किया रुद्राभिषेक
रमणरेती आश्रम में तिब्बती धर्मगुरु ने मंगलवार सुबह दो घंटे हवन यज्ञ किया और शिव मंदिर में रुद्राभिषेक किया। साथ ही बौद्ध पार्क में बौद्ध प्रतिमा का अनावरण किया।
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