वृंदावन स्वामी श्री हरिदास जी महाराज के 540 वे आविर्भाव महोत्सव में भजन प्रस्तुत करते कलाकार
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वृंदावन (मथुरा)। स्वामी हरिदास जी के जन्मोत्सव पर श्री बांकेबिहारी जी के प्राकट्य स्थली श्री निधिवनराज में बुधवार को विविध अनुष्ठान हुए। संगीत शिरोमणि स्वामी जी साधना स्थली श्री निधिवनराज में ब्रह्ममुहूर्त से ही धार्मिक कार्यक्रमों की धूम मचने लगी। बुधवार को स्वामी हरिदासीय वंश परंपरा के गोस्वामी समाज द्वारा स्वामी जी की समाधि स्थल पर विराजित प्रतिमा का महाभिषेक वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य किया । सेवायत भीक चंद्र गोस्वामी, बच्चू गोस्वामी, रोहित कृष्ण गोस्वामी ने महाआरती उतारी। संपूर्ण मंदिर परिसर श्री बांके बिहारी लाल, श्री हरिदास की जयजयकार से गूंज उठा। मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर समाधि स्थल तक संपूर्ण रास्ते को फूलों से सजाया गया। साथ ही मंदिर की प्राचीर पर आकर्षक विद्युत लाइट से सजावट की गई थी।
श्री हरिदास नगर स्थति श्री हरिदास सेवा संस्थान रसोपासना पीठ में राधाष्टमी और स्वामी अष्टमी मनाई। महाराज जी कृत केलिमाल ग्रंथ का सस्वर पाठ भी हरिदासी संतों ने किया। संस्थान के मंत्री विष्णुदान शर्मा ने बताया कि रसोपासना पीठ में सप्त दिवसीय श्रीस्वामी हरिदास आविर्भाव समारोह का आयोजन किया जा रहा है।