वृंदावन। अक्षय तृतीया पर श्रीबांकेबिहारी के चरणों में चांदी की पायल चमकेगी। ठाकुर जी प्रात: बेला में पायल पहनकर चरण दर्शन देंगे। शाम को धोती धारण करते हुए सर्वांग दर्शन देंगे। सत्तू और सर्बत का भोग लगेगा। इस खास उत्सव के दर्शन से इस बार भी आम भक्त वंचित रहेंगे।
अक्षय तृतीया पर साल में सिर्फ एक बार श्रीबांकेबिहारी के चरणों के दर्शन भक्तों को होते हैं। इसके अलावा वर्ष भर भक्तों को ठाकुर जी के चरण दर्शन नहीं होते हैं। मंदिर के सेवायत रघु गोस्वामी ने बताया कि अक्षय तृतीया का श्रीबांकेबिहारी जी के लिए विशेष महत्व है। इस खास दिन ठाकुर जी के चरणों के दर्शन के लिए लाखों भक्त वृंदावन आते रहे हैं।
इस दिन ठाकुर जी को गर्मी से बचाने के लिए चरणों में चंदन के गोले रखे जाते हैं। उनके चरणों में पायल पहनाई जाती है। चंदन का लेप किया जाता है। सत्तू और सर्बत का भोग लगाया जाता है। ठाकुर जी सर्वांग दर्शन देते हैं। वे सिर्फ धोती धारण करते हैं। कोविड के चलते यह परंपरा तो सेवायतों द्वारा इस बार भी निभाई जाएगी, लेकिन आम भक्त दर्शन नहीं कर सकेंगे। कोविड संक्रमण के चलते लॉकडाउन में दर्शन आम भक्तों के लिए प्रतिबंधित हैं।