वृंदावन। भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ास्थली में रथयात्रा महोत्सव को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बृहस्पतिवार को भगवान जगन्नाथ, उनके अग्रज भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा भक्तों को दर्शन देने के लिए रथ पर सवार होकर निकलेंगे। रथ को धक्का लगाने के लिए जनसमूह उमड़ेगा। पंद्रह दिनों तक एकांतवास के बाद ठीक होकर प्रभु जन-जन का कल्याण करने के लिए नगर भ्रमण पर निकलेंगे।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन सहस्रधारा स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ बीमार हो गए थे। इसके बाद 15 दिन से मंदिर के कपाट आम भक्तों के लिए बंद थे और प्रभु वैद्य की देखरेख में लाभ ले रहे थे। इस दौरान उन्हें केवल काढ़े और जड़ी-बूटियों का भोग लगाया गया।
दोपहर बाद भगवान जगन्नाथ का विशाल रथ खींचने के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ेगा। नगर निगम के अपर नगर आयुक्त सीपी पाठक ने रथयात्रा मार्ग का निरीक्षण कर अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है। पीने के पानी, चूना छिड़काव और मार्ग में लटकते बिजली के तारों को ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।