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बाजार में उदासी...बैंक और एटीएम पर भीड़ रही खासी

Sun, 13 Nov 2016 12:12 AM IST
अमर उजाला मथुरा
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एटीएम - फोटो : अमर उजाला
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बच्चों को स्कूल भेजा और सुबह ही बैंक पहुंच गईं मम्मियां। बैंकों पर नोट बदलने के लिए सबसे लंबी लाइन महिलाओं की लगी। क्योंकि आज दूसरे शनिवार के कारण सरकारी दफ्तरों का अवकाश था लिहाजा सरकारी कर्मचारियों ने छुट्टी का प्रयोग पैसा बदलने में ही किया। कुछ बैंकों पर तो शाम तक लाइन ही नहीं टूट पाई थी। अमर उजाला की टीम ने शनिवार को शहर का हाल जाना तो बाजार में सन्नाटा था लेकिन बैंक और एटीएम पर माहौल किसी मेले जैसा ही दिखा।
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सुबह 9 बजे
कचहरी के पास सिंडिकेट बैंक के बाहर लंबी लाइन थी। कुछ लोग तो यहां सुबह के सात बजे ही पहुंच गए थे। अधिकांश वह थे जो शुक्रवार को भी आए थे मगर नोट बदल नहीं पाए थे।

सुबह 10 बजे
एसबीआई कृष्णानगर में बैंक के अंदर जितनी भीड़ थी उतनी ही बाहर भी दिखी। हाथ में एक हजार और पांच सौ का नोट पकड़े लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। 

सुबह 10:30 बजे
सिंडिकेट बैंक की मुख्य शाखा में छह बजे से भीड़ जुट गई थी। जल्दी नंबर आ जाए इसलिए तमाम लोग तो ऐसे थे जो मार्निंग वॉक करने के बाद ही सीधे पहुंच गए थे। 
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सुबह 11 बजे
होलीगेट पर स्थित यूनियन बैंक पर महिलाओं की भीड़ सबसे ज्यादा थी। कई ने बताया कि बच्चों को स्कूल भेजने के बाद वो सीधे बैंक आकर लाइन में लग गई थीं। नोट बदलने के बाद ही यहां से गईं। 

सुबह 11:30 बजे
कोतवाली रोड पर स्थित बड़ौदा बैंक में भी महिलाओं की भीड़ थी। यहां नोट बदलने वालों की लाइन सबसे ज्यादा थी। आपाधापी सी मची थी नोट बदलने वालों की।

दोपहर 12:30 बजे
सेंट्रल बैंक मसानी ब्रांच पर भी अफरातफरी मची रही। एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में कई दफा धक्कामुक्की जैसे हालात भी बने थे। पुलिस को भी यहां पहुंचना पड़ा था।
 

इंडियन बैंक में हुआ हंगामा
इंडियन बैंक में उस वक्त हंगामा हो गया जब यहां बैंक वालों ने अपने ग्राहकों के अलावा किसी दूसरे के नोट बदलने से इंकार कर दिया था। इस पर लोग बिफर गए और हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। सूचना पाकर पुलिस भी यहां पहुंच गई थी।

लोग नोट बदलने में व्यस्त...बाजार हुआ पस्त
इस समय हर कोई नोट बदलने में व्यस्त है। अगर किसी घर में पांच लोग हैं तो सभी बैंक और एटीएम के चक्कर लगा रहे हैं। ऐसे में बाजार में उदासी छाने लगी है। दुकानदारी तो बिलकुल खत्म सी हो गई है।

शहर के प्रमुख बाजारों चौक बाजार, होलीगेट, छत्ता बाजार, घिया मंडी, कृष्णा नगर, विश्राम बाजार, डोरी बाजार, गुड़आई बाजार, महोली रोड, धोली प्याऊ, जयसिंहपुरा, चंदनवन, मोतीकुंज और जनरल गंज में हर वक्त ग्राहकों की भीड़ रहती है लेकिन पिछले दो दिनों से सन्नाटा है। पंडित राकेश शर्मा की हार्डवेयर की दुकान है। ग्राहक नहीं आ रहे हैं तो आज दुकान खोली ही नहीं। बोले कि जो आते भी हैं वह बड़ा नोट लेकर आते हैं। 

अनीस वर्मा ने बताया कि ग्राहक आ ही नहीं रहे हैं। फिर दुकान खोलकर ही क्या फायदा है। होलीगेट पर पान की दुकान करने वाले पन्ना लाल ने बताया कि लोगों के पास खुले पैसे ही नहीं हैं। पान-बीड़ी की बिक्री तो पूरी तरह से ठप हो गई है। श्याम इतर वालों ने बताया कि जब से एक हजार और पांच सौ के नोट बंद हुए हैं तब से बाजार प्रभावित हो रहा है। 
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