यमुना एक्सप्रेसवे पर बेलगाम स्पीड से दौड़ते वाहन हादसे का शिकार हो रहे हैं। रफ्तार की सड़क पर अप्रैल माह के मध्य 21 दिन में 48 हादसे हुए हैं। इनमें 88 लोग घायल हो गए और चार की मौत हो गई। 18 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हर रोज इस पर वाहनों के टायर फटने से हादसों का सिलसिला जारी है। तापमान बढ़ने के साथ ही हादसों की संख्या भी बढ़ जाती है।
अप्रैल माह के आंकड़े बताते हैं कि यमुना एक्सप्रेसवे पर हर दिन औसतन दो-तीन हादसे हो रहे हैं। इनकी वजह वाहनों की अधिक रफ्तार सामने आ रही है। कोई वाहन तेज रफ्तार के कारण नियंत्रण खो रहा है तो किसी वाहन का टायर फट रहा है। टायर फटने के कारण बहुतायत में हादसे हो रहे हैं। तेज रफ्तार के कारण ही वन-वे ट्रैफिक पर वाहन एक-दूसरे से टकरा रहे हैं।
आवारा जानवर भी तेज रफ्तार गाड़ी के सामने आना हादसे का कारण बन रहा है। इसके अलावा रात में होने वाले हादसों का कारण चालक को झपकी लगना भी बताया जाता है। करीब 80 किलोमीटर के दायरे में मथुरा जिले में गुजरने वाले यमुना एक्सप्रेसवे पर अधिकांश घटनाएं नौहझील, सुरीर, मांट, राया और बलदेव क्षेत्र में हो रही हैं।
आंकड़ों के अनुसार
- हर दिन औसतन हो रहे तीन हादसे हो रहे
- प्रत्येक तीसरे हादसे में एक व्यक्ति हो रहा गंभीर रूप से घायल
- प्रत्येक दिन पांच से छह वाहन हो जाते हैं हादसे का शिकार