धर्मनगरी की सड़कों पर आती-जाती महिलाओं के फोटो खींचकर कंप्यूटर के जरिए उन्हें अश्लील बना दिया गया। ऐसा एक-दो के साथ नहीं बल्कि सैकड़ों महिलाओं के साथ हुआ और उन्हें इस बात का पता तक नहीं । इतना ही नहीं ऐसे फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए गए। इनपर भद्दे कमेंट भी हुए। एक-दूसरे से जुड़े सोशल मीडिया के ग्रुपों से होते हुए मामला वृंदावन तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया। सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और लोग गुरुवार को थाना कोतवाली पहुंची। मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
इस साइबर क्राइम का शिकार स्थानीय ही नहीं बल्कि विदेशी महिलाएं भी हुईं हैं। फोटो की पृष्ठभूमि में शाहजी मंदिर से रेतिया बाजार - छीपीगली तक का मार्ग नजर आ रहा है। पीड़ित परिवार बदनामी के भय से न्याय पाने के लिए खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। गुरुवार की शाम कुछ पीड़ित परिवारों ने साहस बटोरकर कनकधारा फाउंडेशन की अध्यक्ष डा. लक्ष्मी गौतम से मुलाकात की।
उनको बताया कि किस तरह उनकी बहू बेटियां साइबर क्राइम की शिकार बन गई हैं। वे अपनी बेटियों के भविष्य को लेकर चिंतत हैं। वहां से सभी लोग कोतवाली पहुंचे। पुलिस से जांच शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी उदयवीर सिंह मलिक ने बताया कि कनकधारा फाउंडेशन की अध्यक्ष डा. लक्ष्मी गौतम के प्रार्थना पत्र पर अज्ञात में मुकदमा लिखा जा रहा है।
वृंदावन में ही है साइबर अपराधी
सोशल मीडिया पर छात्राओं, युवतियों व महिलाओं के अश्लील फोटो शाहजी मंदिर से रेतिया बाजार - छीपीगली मार्ग पर पड़ने वाले बाजारों में अधिकांशत महिलाओं से जुड़े सामानों की दुकानें हैं। यहां छात्रा, युवतियों के अलावा विदेशी पर्यटक और श्रद्धालु महिलाओं का अधिक आना जाना लगा रहता है। आशंका है कि फोटो अपलोड करने वाला शख्स इसी क्षेत्र का है। अगस्त-2016 में 60 छात्राओं के मॉर्फिंग किए गए अश्लील फोटो और वीडियो क्लीपिंग को व्हाट्सएप और फेसबुक पर डाला गया था। अप्रैल 2017 एक डिग्री कालेज की छात्राओं के फोटो पर अश्लील टिप्पणी कर सोशल मीडिया पर डाली गई।