औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
- फोटो : Demo Pic
दिल्ली-एनसीआर से लूटे गए वाहनों की नेपाल तक डील के खुलासे से प्रदेश सरकार हरकत में आ गई है। डीजीपी ने लखनऊ एसटीएफ को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इस एसटीएफ की टीम ने वृंदावन पहुंचकर पकड़े गए युवकों से पूछताछ की। इसके बाद आगरा, इटावा और कानपुर में दबिश देकर दो लोगों को हिरासत में लिया है।
बता दें कि वृंदावन पुलिस ने बीते दिनों चेकिंग के दौरान आगरा के थाना अछनेरा के गांव अबुआपुरा निवासी शिवम उर्फ शिवा और धर्मेंद्र कुमार निवासी गोवर्धन हाल निवासी ग्राम लड़ाम्दा थाना जगदीशपुरा आगरा को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से चोरी की फार्च्यूनर कार बरामद हुई। पुलिस पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया वे दिल्ली-एनसीआर से लक्जरी गाड़ियों को चोरी करते थे।
अब उन्होंने लगभग 1000 गाड़ियों को चोरी कर उन्हें तमिलनाडु, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश के साथ नेपाल तक बेचा है। इन दोनों युवकों की निशानदेही पर पुलिस ने आगरा, मैनपुरी, इटावा, मथुरा आदि शहरों में दबिश देकर 16 गाड़ियां बरामद कीं। गाड़ियों की डील का मामला नेपाल से जुड़ा होने की बात सामने आने के बाद पुलिस महानिदेशक ने मामले की जांच लखनऊ एसटीएफ को सौंप दी है।
मंगलवार रात और बुधवार सुबह एसटीएफ के सीओ ने वृंदावन कोतवाली में बंद वाहन चोरी के आरोपी दोनों युवकों से पूछताछ भी की। इसके बाद एसटीएफ ने वृंदावन और मथुरा पुलिस के साथ रात भर आगरा, इटावा और कानपुर में दबिश दीं और दो और लोगाें को हिरासत लिया है। इस मामले में कई राजनीतिक लोगों के नामों के खुलासा होने की भी संभावना है।