आगरा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोटवन बार्डर के समीप एक टेंपो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे जा गिरा। हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो बच्चे, सात महिलाओं सहित 11 लोग घायल हो गए। टेंपो में सवार सभी लोग एक गमी से लौट रहे थे।
सिंगार पुन्हाना निवासी शाहुन खान अपने परिजनों के साथ गांव छौकरवास में एक गमी में गए थे। गुरुवार शाम वह गांव लौट रहे थे। टेंपो चालक शनि खां चला रहा था। हाईवे पर कोटवन बार्डर के समीप टेंपो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी पुलिया से टकराकर नीचे जा गिरा।
हादसा देख आसपास काम कर रहे काफी लोग वहां एकत्रित हो गए और घायलों को टेंपो से बाहर निकाला। तब तक टेंपो में सवार शाहुन खां (45), मंगल (48) और शनि खां (50) की मौत हो गई। घायलों को नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। दो बच्चे आरजू (2) और अंजू (5) सहित मामदेयी, आसीन, मरीयम, अशरफी, सुलेमान, मम्मन, जमील, शेरू, वत्तो, खफीजा, मजीदन आदि घायल हो गए।
सूचना मिलने पर एसडीएम विश्वभूषण मिश्रा, इंस्पेक्टर पुलिस फोर्स सहित वहां पहुंच गए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। देर रात तक मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी।
हाईवे पर मची चीख-पुकार
हाईवे पर टेंपो दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद चीख पुकार मच गई। उसमें बैठी सवारियों का सामान इधर-उधर बिखर गया। हर कोई मदद के लिए दौड़ पड़ा। राहगीरों ने वहां से गुजर रहे वाहनों को रोककर नर्सिंग होम भेजा।
नहीं होती ओवरलोडिंग टेंपो पर कार्रवाई
हाईवे पर टेंपो दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद भी वहां से गुजर रहे ओवरलोडिंग टेंपो पर कार्रवाई करना पुलिस ने उचित नहीं समझा। टेंपो चालक पुलिस को मुंह चिढ़ाते हुए कोटवन चौकी के सामने से निकल रहे थे।