कोतवाली क्षेत्र के डैंपियर नगर निवासी टोंटी व्यवसायी सुनील गर्ग कसेरे की आत्महत्या के मामले में पुलिस सुइसाइड नोट की हैंडराइटिंग का मिलान कर लिया है। पुलिस के अनुसार तीनों सुइसाइड नोट सुनील ने ही लिखे थे, जिनमें उसने अपने भाई प्रमोद, उसकी पत्नी और बेटे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
बता दें कि शुक्रवार रात को सुनील गर्ग कसेरे ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या कर ली थी। मामले में सुनील के घर में तीन सुइसाइड नोट मिलने के बाद उनके बेटे वरुण गर्ग ने रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें सुइसाइड नोट के आधार पर सुनील के भाई प्रमोद गर्ग कसेरे, प्रमोद के बेटे अर्पित और पत्नी लता गर्ग को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में नामजद किया गया।
कोतवाली पुलिस ने सुइसाइड नोट की हैंडराइटिंग का अन्य कागजातों पर लिखावट और दस्तखत से मिलान कराया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि सुइसाइड नोट में लिखावट सुनील गर्ग कसेरे की ही है। इधर पुलिस ने सोमवार रात और मंगलवार को चार बार प्रमोद गर्ग की तलाश में दबिश दी लेकिन वह हाथ नहीं आ सका। पुलिस ने प्रमोद, अर्पित और लता के मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगाया है लेकिन फोन स्विचऑफ होने के कारण उनकी लोकेशन नहीं मिल पा रही है।
सर्वे से बचने के लिए सुनील के पास रखी थी रकम
प्रमोद गर्ग ने अपने ही परिवार के एक व्यक्ति के यहां छह माह पहले हुए आयकर सर्वे के दौरान चचेरे भाई सुनील के यहां अपनी करोड़ों की रकम और जेवरात रखवा दिए थे। बताया गया है कि सर्वे टीम के जाने के बाद प्रमोद रकम और जेवरात ले गए। बाद में सुनील गर्ग पर उस रकम और जेवरात में से कुछ हिस्सा चोरी करने का आरोप लगाया। इस मुद्दे पर कई बार पंचायत हुई जिसमें सुनील गर्ग ने चोरी के आरोप को झूठा बताया लेकिन प्रमोद नहीं माने। माना जा रहा है कि इसी से परेशान होकर सुनील ले आत्महत्या कर ली।