छाता कोतवाली के गांव ऊंदी में आर्थिक तंगी के चलते पति-पत्नी में हुए झगड़े के बाद देर रात पत्नी गांव से बाहर बने कुएं में कूद गई। पत्नी को बचाने के लिए युवक ने भी कुएं में छलांग लगा दी। इससे दोनों की मौत हो गई। परिवार भूमिहीन था और इंदिरा आवास में रह रहा था। पति-पत्नी दोनों हरियाणा में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते थे, बरसात में भट्ठे बंद होने के कारण गांव आ गए थे।
छाता कोतवाली के गांव ऊंदी निवासी नीरज प्रजापति (27) के पिता मोहन सिंह उनके बचपन में ही गुजर गए थे। नीरज के बड़े भाई बाबू मानसिक रूप से कमजोर हैं। मां शीला (65) अक्सर बीमार रहती हैं। छह साल पहले नीरज हरियाणा पलवल के हथीन में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने गए, वहां गांव धानौता छाता की युवती राखी से उन्हें प्यार हुआ और दोनों वहां से भाग गए। बाद में घर आए तो परिवारीजनों ने उनकी कोर्ट मैरिज करा दी।
नीरज और राखी से छह साल में चार बेटियां हुईं। भूमिहीन नीरज के पास गांव में अपना मकान भी नहीं था। तंगी देख ग्राम प्रधान ने इंदिरा आवास योजना के तहत उनके लिए मकान बनवाया। सीजन पर नीरज और राखी दोनों ईंट भट्ठ पर मजदूेरी कर पेट पालते थे। बरसात होने पर काम बंद हो गया तो 18 जून को दोनों चारों बेटियों, भाई और मां को साथ लेकर गांव आए थे। यहां खेत में धान की पौध लगाकर गुजारा करने लगे।
आर्थिक तंगी के चलते नीरज और राखी के बीच अक्सर झगड़ा होता था। उनके पड़ोसी गुड्डू ने बताया कि आर्थिक तंगी के चलते बुधवार रात करीब 9:30 बजे दोनों में झगड़ा हुआ, मारपीट हो गई। राखी आत्महत्या करने की कहकर निकल गई। गांव से बाहर रजबहा के निकट पुराने कुएं में वह कूद गई। पीछे से पहुंचे नीरज भी उसे बचाने के लिए कुएं में कूद गए। तड़के दोनों के शव कुएं से बाहर निकाले गए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं।
छाता के गांव ऊंदी में मजदूर युवक का भाई मानसिक रूप से कमजोर है और मां बीमार रहती है। भूमिहीन युवक नीरज प्रजापति की चार बेटियां हैं। वह ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर जैसे तैसे परिवार चला रहा था। आर्थिक तंगी की वजह से बुधवार रात उसका पत्नी से झगड़ा हुआ तो पत्नी कुएं में कूद गई। वह उसे बचाने के लिए कुएं में कूद गया तो उसकी भी मौत हो गई।
-अरुण कुमार सिंह, एसपी देहात