बहुचर्चित हाथरस के बदमाश राजेश टोंटा की हत्या के दौरान मैदान छोड़कर भागे सिपाही संतोष कुमार को हाईकोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार को बहाल कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल राजेश टोंटा को आगरा ले जाने के दौरान रिजर्व पुलिस लाइन का यह सिपाही सरकारी एंबुलेंस में राजेश टोंटा की सुरक्षा के लिए इंसास राइफल के साथ तैनात था।
17 जनवरी को जिला जेल में हुई गैंगवार में बदमाश राजेश टोंटा गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके पैर में गोली लगी थी। हालत चिंताजनक होने पर उसे रात करीब 11 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच जिला अस्पताल से सरकारी एंबुलेंस से आगरा रेफर किया गया था। उसकी एंबुलेंस में एक जेल का सिपाही, एक वार्ड ब्वाय, एक मेडिकल अटेंडेंट, एक चिकित्सक और रिजर्व पुलिस लाइन का सिपाही संतोष कुमार मय इंसास राइफल के सुरक्षा में तैनात थे।
फरह थाना क्षेत्र में रात 11:30 बजे ब्रजेश मावी गैंग के सदस्यों ने होटल द्वापर के निकट राजेश टोंटा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिस वक्त राजेश टोंटा को गोली मारी गई उस वक्त संतोष इंसास राइफल लेकर मौके से भाग गया था। इस पर तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी ने उसके निलंबन के बाद बर्खास्तगी को पत्राचार किया।
बाद में उसे बर्खास्त कर दिया गया। सिपाही संतोष का कहना है हत्या के वक्त इंसास राइफल धोखा दे गई थी। इस मामले को वह हाईकोर्ट ले गए। 16 सितंबर को कोर्ट ने संतोष को बहाल करने के आदेश एसएसपी मथुरा को दिए। मंगलवार को संतोष को बहाल कर दिया गया।
राजेश टोंटा हत्याकांड में एंबुलेंस में इंसास राइफल के साथ तैनात सिपाही संतोष बर्खास्त चल रहा था। 16 सितंबर को हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में उसे बहाल करते हुए लाइन में आमद कराने के आदेश दिए गए हैं।
- डा. राकेश सिंह, एसएसपी