एसओजी सिपाही उमेश कुमार सिंह की मौत के मामले में उसकी दूसरी पत्नी अंजली सारस्वत और उसके दो भाई राजेश और शुभम को पुलिस ने जेल भेज दिया है। हत्या और आत्महत्या में उलझे इस केस की विवेचना में पुलिस जुट गई है।
मंगलवार की रात मोतीकुंज एक्सटेंशन में एसओजी सिपाही उमेश कुमार सिंह की गोली लगने से मौत हो गई थी। हाईवे पुलिस ने मौके से दूसरी पत्नी अंजलि सारस्वत और उसके भाई राजेश, शुभम् को हिरासत में ले लिया था। सिपाही के भाई विजयपाल की तहरीर पर दूसरी पत्नी और उसके दोनों भाइयों के खिलाफ थाना हाईवे में हत्या का मुकद्दमा दर्ज कर लिया गया।
पहले दिन से ही ये मामला हत्या और आत्महत्या में उलझा था।
पुलिस अधिकारी भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और क्राइम सीन के आधार पर इसे आत्महत्या मान रहे थे लेकिन अब उमेश की दूसरी पत्नी अंजलि और उसके भाइयों को जेल भेज दिया गया है। तीनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है।
हाईवे पुलिस ने शुक्रवार को तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने प्रभारी निरीक्षक को तलब कर लिया। पुलिस से पूछा गया कि जब पहले मामला 302 में दर्ज किया गया था तो बाद में 306 क्यों किया गया। इस पर प्रभारी निरीक्षक राजीव सिंह ने विवेचना का तर्क रखा है।